डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम: भूमि विवाद होंगे कम, पारदर्शिता बढ़ेगी
नई दिल्ली, 16 फरवरी 2026 | दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में भूमि प्रबंधन और रिकॉर्ड-कीपिंग में एक ऐतिहासिक सुधार की शुरुआत की है। उन्होंने भू-आधार (ULPIN) पहल की घोषणा की, जिसके तहत दिल्ली में जमीन के हर टुकड़े को 14-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर (Unique Land Parcel Identification Number) दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह पहल भूमि विवादों को कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और संपत्ति लेनदेन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ULPIN (भू-आधार) पहल: क्या है और कैसे काम करेगी?
Unique Land Parcel Identification Number का परिचय
ULPIN एक 14-अंकों का यूनिक कोड है जो भारत में हर भूमि खंड को विशिष्ट रूप से पहचानने के लिए दिया जाता है। यह आधार कार्ड की तरह काम करता है, लेकिन जमीन के लिए।
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ULPIN की संरचना
| अंक स्थिति | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1-2 अंक | राज्य कोड | 07 (दिल्ली) |
| 3-5 अंक | जिला कोड | 001 (उत्तर दिल्ली) |
| 6-8 अंक | तहसील/ब्लॉक कोड | 001 |
| 9-11 अंक | गांव/शहरी वार्ड कोड | 001 |
| 12-14 अंक | व्यक्तिगत भूखंड संख्या | 001 |
उदाहरण ULPIN: 07001001001001
दिल्ली में ULPIN कार्यान्वयन का लक्ष्य
| पहलू | लक्ष्य/विवरण |
|---|---|
| कुल भूखंड | लगभग 25-30 लाख (अनुमानित) |
| कार्यान्वयन चरण | 3 चरणों में पूर्ण |
| पहला चरण | 6 महीने (सरकारी जमीन) |
| दूसरा चरण | 12 महीने (निजी संपत्ति) |
| तीसरा चरण | 18 महीने (विवादित भूमि) |
| कुल समयसीमा | 24 महीने (2028 तक) |
| बजट आवंटन | ₹350 करोड़ |
| तकनीकी साझेदार | Survey of India, NIC |
ULPIN के प्रमुख लाभ
नागरिकों के लिए फायदे
1. भूमि विवादों में कमी:
- सीमा विवादों का स्थायी समाधान
- दोहरे मालिकाना हक की समस्या खत्म
- कोर्ट केस में 40-50% कमी की उम्मीद
2. आसान संपत्ति लेनदेन:
- तेज रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
- दस्तावेज़ीकरण में पारदर्शिता
- ऑनलाइन वेरिफिकेशन संभव
3. ऋण प्राप्ति में सुविधा:
- बैंक लोन के लिए आसान सत्यापन
- कोलैटरल के रूप में तेज़ स्वीकृति
- ब्याज दरों में संभावित कमी
4. सरकारी योजनाओं का लाभ:
- सटीक लाभार्थी पहचान
- डुप्लिकेट क्लेम में कमी
- प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)
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सरकार और प्रशासन के लिए लाभ
| क्षेत्र | लाभ |
|---|---|
| राजस्व संग्रहण | संपत्ति कर में 25-30% वृद्धि |
| शहरी योजना | सटीक भूमि उपयोग डेटा |
| भ्रष्टाचार निवारण | पारदर्शी रिकॉर्ड प्रणाली |
| न्यायिक दक्षता | भूमि मुकदमों में तेज़ी |
| विकास परियोजनाएं | भूमि अधिग्रहण में सुगमता |
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ULPIN पहल के शुभारंभ के अवसर पर कहा:
“यह पहल दिल्ली के भूमि प्रबंधन में एक नए युग की शुरुआत है। जैसे आधार कार्ड ने नागरिकों की पहचान को डिजिटल बनाया, वैसे ही ULPIN जमीन की पहचान को डिजिटल बनाएगा। इससे न केवल भूमि विवाद कम होंगे, बल्कि संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।”
उन्होंने आगे कहा:
“यह ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली देश का पहला ऐसा राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनेगा जो 100% ULPIN कवरेज हासिल करेगा।”
दिल्ली पुलिस स्थापना दिवस: CM की उपस्थिति
16 फरवरी को दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ भाग लिया।
दिल्ली पुलिस के लिए बढ़ा बजट
| वित्तीय वर्ष | बजट आवंटन | वृद्धि प्रतिशत |
|---|---|---|
| 2024-25 | ₹10,800 करोड़ | – |
| 2025-26 | ₹12,500 करोड़ | 15.7% |
| मुख्य आवंटन | विवरण | राशि |
| आधुनिकीकरण | नई तकनीक, वाहन | ₹2,000 करोड़ |
| महिला सुरक्षा | नए थाने, पैट्रोलिंग | ₹1,500 करोड़ |
| प्रशिक्षण | अत्याधुनिक सुविधाएं | ₹800 करोड़ |
| कल्याण | आवास, स्वास्थ्य | ₹1,200 करोड़ |
मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा में उनका योगदान अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: संक्षिप्त परिचय
राजनीतिक यात्रा
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | रेखा गुप्ता |
| जन्म | 1985 (अनुमानित) |
| शैक्षणिक पृष्ठभूमि | दिल्ली विश्वविद्यालय |
| पूर्व पद | DUSU अध्यक्ष |
| निर्वाचन क्षेत्र | शालीमार बाग |
| मुख्यमंत्री बनीं | फरवरी 2025 |
| क्रम | दिल्ली की 9वीं मुख्यमंत्री |
| विशेष उपलब्धि | चौथी महिला CM |
मुख्य उपलब्धियां (एक वर्ष में)
1. शिक्षा क्षेत्र:
- 100 नए सरकारी स्कूलों का उन्नयन
- डिजिटल क्लासरूम का विस्तार
- छात्रवृत्ति योजनाओं में वृद्धि
2. स्वास्थ्य सेवाएं:
- 50 नई मोहल्ला क्लीनिक
- आयुष्मान भारत का विस्तार
- महिला स्वास्थ्य कार्यक्रम
3. परिवहन:
- 500 नई इलेक्ट्रिक बसें
- मेट्रो विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी
- साइकिल लेन नेटवर्क
4. महिला सशक्तिकरण:
- महिला सुरक्षा ऐप लॉन्च
- रात्रि पैट्रोलिंग बढ़ाई
- महिला उद्यमिता योजना
5. पर्यावरण:
- वृक्षारोपण अभियान
- प्लास्टिक बैन का सख्त कार्यान्वयन
- सोलर एनर्जी प्रमोशन
ULPIN का तकनीकी पहलू
डिजिटल एकीकरण
प्रौद्योगिकी भागीदार:
- Survey of India (भौगोलिक सर्वेक्षण)
- National Informatics Centre (डेटा प्रबंधन)
- दिल्ली राजस्व विभाग (रिकॉर्ड सत्यापन)
GIS मैपिंग:
- उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी
- ड्रोन सर्वेक्षण
- GPS-आधारित सीमांकन
ब्लॉकचेन तकनीक:
- रिकॉर्ड की छेड़छाड़-रोधी सुरक्षा
- रियल-टाइम अपडेट
- पारदर्शी लेनदेन इतिहास
विशेषज्ञों की राय
शहरी योजना विशेषज्ञ का दृष्टिकोण
डॉ. अनिल शर्मा, IIT दिल्ली: “ULPIN पहल भारतीय शहरी प्रबंधन में एक मील का पत्थर है। यह न केवल भूमि विवादों को कम करेगा, बल्कि स्मार्ट सिटी योजना को भी सक्षम बनाएगा।”
कानूनी विशेषज्ञ का मत
एडवोकेट प्रिया मेहता, दिल्ली हाई कोर्ट: “भूमि संबंधी मुकदमे दिल्ली की अदालतों में लंबित मामलों का 30% हिस्सा हैं। ULPIN से इनमें उल्लेखनीय कमी आएगी।”
रियल एस्टेट विशेषज्ञ
रोहित गुप्ता, CREDAI दिल्ली: “यह पहल संपत्ति खरीदारों के लिए विश्वास बढ़ाएगी और दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता लाएगी।”
चुनौतियां और समाधान
संभावित बाधाएं
1. पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण:
- समाधान: चरणबद्ध दृष्टिकोण, विशेष टीमें
2. विवादित भूमि:
- समाधान: विशेष ट्रिब्यूनल, त्वरित निपटान
3. तकनीकी साक्षरता:
- समाधान: जागरूकता अभियान, हेल्पडेस्क
4. डेटा सुरक्षा:
- समाधान: साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल, एन्क्रिप्शन
अन्य राज्यों का उदाहरण
सफल ULPIN कार्यान्वयन
| राज्य | कवरेज | परिणाम |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 95% | विवाद 45% कम |
| कर्नाटक | 90% | राजस्व 30% बढ़ा |
| उत्तर प्रदेश | 85% | लेनदेन 50% तेज |
| हरियाणा | 88% | पारदर्शिता में सुधार |
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
ULPIN कैसे प्राप्त करें?
चरण 1: राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाएं
चरण 2: अपना भूमि रिकॉर्ड सत्यापित करें
चरण 3: ऑनलाइन आवेदन करें
चरण 4: दस्तावेज़ अपलोड करें
चरण 5: सत्यापन के बाद ULPIN प्राप्त करें
समय सीमा: 30-45 दिन
शुल्क: निःशुल्क (सरकारी पहल)
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिया कि ULPIN के सफल कार्यान्वयन के बाद:
- चरण 2: संपत्ति कर का स्वचालित मूल्यांकन
- चरण 3: ऑनलाइन भूमि लेनदेन पोर्टल
- चरण 4: AI-आधारित भूमि विवाद समाधान
- चरण 5: ब्लॉकचेन-सक्षम संपत्ति रजिस्ट्री
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा शुरू की गई ULPIN (भू-आधार) पहल दिल्ली के भूमि प्रबंधन में एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल भूमि विवादों को कम करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
24 महीनों के भीतर पूर्ण कार्यान्वयन का लक्ष्य और ₹350 करोड़ का बजट आवंटन सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो दिल्ली अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।
दिल्ली पुलिस के बढ़े हुए बजट और मुख्यमंत्री की अन्य पहलों के साथ मिलकर, यह पहल राष्ट्रीय राजधानी को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
देशकीपत्रिका ब्यूरो, नई दिल्ली | दिल्ली सरकार की यह पहल भूमि प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित करेगी। हम इस परियोजना की प्रगति पर नज़र रखेंगे और आपको नियमित अपडेट देते रहेंगे।
