नई दिल्ली।
महाराष्ट्र में बैठे राज और उद्धव जैसे नेताओं को ये समझना होगा कि राष्ट्र में ही महराष्ट्र है.
यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष उत्तर भारत शिवसेना श्री जय भगवान गोयल ने महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में हिन्दी भाषा के नाम पर उत्तर भारतीयों को मारना-पीटना, प्रताड़ित करना और धमकाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही षड़यंत्र 2006 में भी शिवसेना से अलग होकर राज ठाकरे द्वारा और बाद में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा किया गया था।
विरोध स्वरूप संगठन का गठन
जय भगवान गोयल ने बताया कि इसी कारण विरोध स्वरूप उन्होंने शिवसेना से उत्तर भारत प्रमुख के नाते त्याग पत्र देकर राष्ट्रवादी शिवसेना नाम के संगठन का गठन किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना के प्रमुख रहे माननीय बाला साहेब ठाकरे ने हमेशा हिन्दुत्व व वीर सावरकर के ‘हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान’ व ‘हिन्दू राष्ट्र’ के संकल्प का समर्थन किया था और सार्वजनिक मंचों से ‘जय महाराष्ट्र’, ‘जय हिन्दू राष्ट्र’ का उद्घोष करते थे।
राजनैतिक स्वार्थ के लिए हिंसा
जय भगवान गोयल ने आरोप लगाया कि आज राज ठाकरे व उद्धव ठाकरे एवं उनके समर्थक बाला साहेब ठाकरे के दिखाए रास्ते से भटककर, बिना किसी कारण से हिन्दी भाषी उत्तर भारतीयों को मारकर, पीटकर व धमकाकर अपनी छिन चुकी राजनैतिक जमीन को खोजने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
हिन्दू राष्ट्र की मांग और विरासत का अपमान

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर देश का संत समाज और करोड़ों सनातनी हिन्दू भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं, वहीं ये लोग हिन्दी भाषियों पर हमले करके बाला साहेब ठाकरे की आत्मा को भी आहत कर रहे हैं। महाराष्ट्र के वीर नायक छत्रपति शिवाजी महाराज, अहिल्या बाई होलकर, बाल गंगाधर तिलक, वीर सावरकर, संभाजी महाराज जैसे महान यौद्धाओं ने हमेशा राष्ट्र के लिए हिन्दू समाज का मार्गदर्शन किया है।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
जय भगवान गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में बैठे राज ठाकरे जैसे नेताओं को यह समझना होगा कि राष्ट्र में ही महाराष्ट्र है। देश का कोई भी नागरिक संवैधानिक रूप से देश के किसी भी कोने में जाकर व्यवसाय, नौकरी कर सकता है और किसी भी भाषा में बात कर सकता है। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह जबरदस्ती किसी को किसी भाषा को बोलने के लिए मजबूर करे।
उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि ऐसे लोगों पर तत्काल राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हो और सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र में रहने वाले सभी हिन्दी भाषियों को सुरक्षा और संरक्षण दिया जाए।
