मोंगला पोर्ट पर चीन-बांग्लादेश समझौता: भारत के लिए क्यों है यह चिंता का विषय?
मोंगला पोर्ट की वह ज़मीन जो पहले भारत के लिए आरक्षित थी, अब चीन को मिल गई है। तीस्ता नदी परियोजना में भी चीन की एंट्री ने भारत की रणनीतिक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इस टैग से जुड़े सभी ताज़ा समाचार और विशेष कवरेज।
मोंगला पोर्ट की वह ज़मीन जो पहले भारत के लिए आरक्षित थी, अब चीन को मिल गई है। तीस्ता नदी परियोजना में भी चीन की एंट्री ने भारत की रणनीतिक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
नेपाल के काठमांडू महापौर बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर भारत में चर्चा तेज है। चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के आसपास उनके पिछले रुख को देखते हुए भारत के लिए यह एक अहम सवाल बन गया है। बालेन शाह एक युवा, भ्रष्टाचार-विरोधी और विकासवादी नेता हैं, लेकिन उनके कुछ राष्ट्रवादी बयान भारत को असहज कर सकते हैं। नेपाल में चीन का बढ़ता प्रभाव भी भारत के लिए चिंता का विषय है। भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत बनाने के लिए भारत को व्यावहारिक और सकारात्मक कूटनीति अपनाने की जरूरत है।