नीतीश कुमार के बाद बिहार: अगड़ा-पिछड़ा बनाम हिंदुत्व — क्या 90 के दशक की राजनीति फिर लौटेगी?
नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर बिहार में अटकलें तेज हैं। उनके बाद राज्य में अगड़ा-पिछड़ा संघर्ष और हिंदुत्व की राजनीति फिर से प्रभावी हो सकती है। भाजपा के पास स्थानीय चेहरे की कमी है जबकि तेजस्वी यादव यादव-मुस्लिम गठजोड़ पर निर्भर दिखते हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है जहां 90 के दशक की जातीय राजनीति की वापसी की आशंका प्रबल हो रही है।
गुरुवार, 26 मार्च 2026
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