लखनऊ, 11 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है, जो अगले 25 वर्षों के लिए ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के विजन को आकार देने का साक्षी बनेगा। सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में सत्र की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सत्र स्वतंत्रता के अमृत काल के तीसरे वर्ष में आयोजित हो रहा है और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
24 घंटे की मैराथन चर्चा: 13-14 अगस्त को होगा ‘विकसित यूपी’ पर मंथन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 और 14 अगस्त को विधानसभा और विधान परिषद में ‘विकसित यूपी’ के विजन पर लगातार 24 घंटे चर्चा होगी। यह विजन दस्तावेज नीति आयोग और विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सर्वदलीय बैठक में इस चर्चा पर सहमति बनी है, और इसमें आम जनता की राय भी शामिल की जाएगी। सीएम ने आत्मविश्वास जताया कि 2047 तक जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उत्तर प्रदेश भी ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के रूप में गौरवपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार
सीएम योगी ने कहा कि प्रश्नकाल में जनप्रतिनिधि जनहित के मुद्दे उठाएंगे, जबकि शून्यकाल में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी दलों से सार्थक और रचनात्मक चर्चा की अपील की, ताकि समय का सदुपयोग हो और नकारात्मकता से बचा जा सके। “हम युवाओं के हित, यूपी के विकास और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अनावश्यक व्यवधान पैदा करने वालों को जनता स्वयं जवाब देगी,” उन्होंने कहा।
बाढ़, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्र में बाढ़ और जलजमाव जैसे मौसमी मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, गरीब कल्याण और सभी वर्गों के उत्थान जैसे विषयों पर गहन परिचर्चा होगी। उन्होंने पिछले साढ़े आठ वर्षों में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास के क्षेत्र में सराहना प्राप्त की है।
विपक्ष पर निशाना: नकारात्मकता छोड़ें, सकारात्मक चर्चा में भाग लें
विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि उनका एजेंडा हमेशा नकारात्मकता पर केंद्रित रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले 36 घंटे की कार्यवाही का भी सपा ने विरोध किया था और असंसदीय भाषा का उपयोग किया, जिसके लिए वे कुख्यात हैं। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक और विकासोन्मुखी चर्चा में भाग लेने का आह्वान किया।
यूपी विधानमंडल: देश के लिए नजीर
मुख्यमंत्री ने यूपी विधानमंडल को देश का सबसे बड़ा विधानमंडल बताते हुए कहा कि यहां होने वाली चर्चाएं पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में विधानमंडल ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की है। “इस बार भी हम 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण एजेंडे के साथ सत्र में शामिल हो रहे हैं,” उन्होंने कहा।

सभी सदस्यों का स्वागत, सत्र की सफलता की कामना
मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर से आए विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों का हृदय से स्वागत किया और सत्र की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सत्र उत्तर प्रदेश के विकास और समृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।
