🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
सीएम योगी का जनता दर्शन: अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं, आरोपियों पर तत्काल करें कार्रवाईUP News: योगी सरकार ने दी आयुष्मान कार्डधारकों को बड़ी राहत, अब जिले में ही होगा समस्याओं का समाधानदिल्ली मेट्रो में राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक सही: हाई कोर्ट ने ECI के फैसले को ठहराया वाजिबगोवा अवैध लौह अयस्क खनन मामला: ED ने 1023 करोड़ की संपत्ति की जब्ती, सिंगापुर तक पहुंची कार्रवाईदतिया पहुंचे योगी आदित्यनाथ, मां पीतांबरा के दरबार में टेका माथा, वानखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेककॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर विरोध तेज, अभिजीत दीपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगेराम मंदिर चढ़ावा घोटाला: SIT जांच में नकदी और गहनों के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, बृजभूषण सिंह बोले- “बिना धुएं के आग नहीं लगती”राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT जांच से सुलझेगा विवाद या और गहराएगी सियासत?
Tuesday, 23 Jun 2026

साहित्यकार सम्मान समारोह 2025 में 12 हस्तियों को पुरस्कार

हिंदी भवन में भव्य आयोजन, डॉ. सच्चिदानंद जोशी मुख्य अतिथि

नई दिल्ली। दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन में आज यहां हिन्दी भवन में साहित्यकार सम्मान समारोह-2025 का आयोजन किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी मुख्य अतिथि और कवि बाल स्वरूप राही विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान 12 प्रमुख हस्तियों को साहित्यकार सम्मान समारोह 2025 से सम्मानित किया गया।

दो हस्तियों को साहित्य रत्न, चार को साहित्य विभूषण, दो को साहित्य भूषण और अन्य चार को साहित्यश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्य रत्न पाने वालों में डॉ. शकुंतला कालरा, नरेश शांडिल्य साहित्य विभूषण पाने वालों में सुमन वाजपेयी, शशिकांत शर्मा, संजय कुमार स्वामी, ताराचंद नादान, साहित्य भूषण पाने वालों में दैनिक वीर अर्जुन के वरिष्ठ पत्रकार सदानंद पाण्डेय, डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय, साहित्यश्री पाने वालों में डॉ. विनोद बब्बर, रेणु अग्रवाल, डॉ. अंकित शर्मा और अरविंद कुमार सिंह जैसे प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं।

मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री जोशी ने इसे भविष्य की चुनौतियों से निपटने वाला आयोजन बताते हुए कहा कि हमें रचना धर्मिता को जिंदा रखना है। यदि हम क्रिएटिविटी का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो यह क्षीण होती चली जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) कला की बराबरी नहीं कर सकता। उन्होंने सम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि यह सम्मान किसी राजाश्रय के कारण नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद के कारण हो रहा है। यह सम्मान धनराशि में कम हो सकता है लेकिन प्रतिष्ठा में यह बड़े सम्मानों के बराबर है क्योंकि यह एक प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था द्वारा दिया जा रहा है।

साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़

कार्यक्रम के दौरान आकाशवाणी से जुड़े रहे विशिष्ट अतिथि सोमदत्त शर्मा, दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षा इंदिरा मोहन, महामंत्री प्रो. हरीश अरोड़ा और साहित्य मंत्री प्रो. रचना विमल सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।

महेंद्र प्रताप सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *