दिल्ली में बारिश ने तोड़ी गर्मी की कमर — तापमान गिरा, लोगों ने ली राहत की सांस
दिल्ली में शनिवार की रात से रविवार सुबह के बीच हुई हल्की बारिश ने तापमान को 42 डिग्री से घटाकर 35-36 डिग्री पर ला दिया। IMD के अनुसार western disturbance के कारण यह बारिश हुई और अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल और छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। इस सीजन में दिल्ली का तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक रहा है और बिजली की मांग ने भी रिकॉर्ड तोड़े। हालांकि यह मानसून की बारिश नहीं है, लेकिन गर्मी से परेशान दिल्लीवासियों को इससे बड़ी राहत मिली है। मानसून का इंतजार अभी बाकी है।
केंद्रीय संपादकीय डेस्क • बुधवार, 29 अप्रैल 2026 | 10:02 AM
रविवार की सुबह जब दिल्लीवाले घरों से निकले, तो आसमान का मिजाज कुछ अलग था। वो चिपचिपी गर्मी जो पिछले कई हफ्तों से लोगों को बेहाल किए हुए थी — उसकी जगह एक हल्की-सी ठंडक थी। हवा में नमी थी, मिट्टी की खुशबू थी। रात भर हुई हल्की बारिश ने दिल्ली का मूड बदल दिया था।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार की देर रात से रविवार की सुबह तक दिल्ली के कई इलाकों में 8 से 15 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। यह कोई मूसलाधार बारिश नहीं थी — लेकिन इतनी जरूर थी कि 42 डिग्री के आसपास भटक रहा तापमान एक झटके में 35-36 डिग्री पर आ गया।
सड़कों पर दिखा अलग नजारा
सुबह के वक्त दिल्ली की सड़कें जैसे थोड़ा सुकून में थीं। ITO, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर — जहाँ आमतौर पर सुबह दस बजते-बजते चिलचिलाती धूप लोगों को घरों में धकेल देती है, वहाँ लोग इत्मीनान से चाय की चुस्कियाँ लेते नजर आए। कुछ बुजुर्ग पार्कों में बाहर बैठे थे — जो गर्मी में हफ्तों से नहीं हुआ था।
द्वारका के रहने वाले रमेश कुमार ने कहा, "यार, सुबह उठा तो लगा कि AC बंद करके खिड़की खोल लूँ। इतने दिनों बाद ऐसा लगा।" यही हाल रोहिणी और पटपड़गंज के लोगों का भी था।
IMD ने क्या कहा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही इस बारिश का संकेत दिया था। विभाग के अनुसार western disturbance की वजह से दिल्ली-NCR में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना थी। और हुआ भी वही।
IMD के एक अधिकारी ने बताया, "अगले दो-तीन दिन आंशिक बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। तापमान 36-38 डिग्री के बीच रह सकता है।" यानी पूरी तरह राहत तो नहीं — लेकिन वो झुलसाने वाली गर्मी फिलहाल थमती दिख रही है।
दिल्ली में इस साल मई-जून का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री ऊपर रहा है। कुछ दिन तो पारा 45 डिग्री को भी छू गया था — जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
गर्मी ने कितना सताया इस बार
इस सीजन में दिल्ली की गर्मी ने हर वर्ग को परेशान किया। दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, street vendors — इन सबके लिए दोपहर का वक्त किसी सजा से कम नहीं था। अस्पतालों में heat stroke और dehydration के मामले बढ़े। स्कूलों में बच्चों की health को लेकर parents परेशान रहे।
यमुना नगर में सब्जी बेचने वाले अशोक ने बताया था, "दोपहर में खड़े नहीं हो पाते थे। सब्जियाँ भी जल्दी खराब हो जाती थीं। अब थोड़ी राहत मिली है।"
बिजली की मांग भी इस सीजन में record तोड़ रही थी। DISCOM के आंकड़े बताते हैं कि पीक अवर्स में demand 8,000 MW के पार चली गई थी — जो दिल्ली के लिए एक नई ऊंचाई थी।
अभी राहत है, मगर मानसून का इंतजार बाकी
यह बारिश मानसून नहीं है — यह साफ कर देना जरूरी है। दिल्ली में मानसून आमतौर पर जून के आखिरी हफ्ते या जुलाई की शुरुआत में दस्तक देता है। अभी जो राहत मिली है, वो pre-monsoon activity का हिस्सा है।
लेकिन जो लोग हफ्तों से छत पर पंखे के नीचे करवटें बदल रहे थे, उनके लिए यह हल्की बारिश किसी तोहफे से कम नहीं। तपती सड़कें थोड़ी ठंडी हुईं, पेड़ों पर धूल की परत धुली, और शहर ने एक लंबी सांस ली।
मानसून आने में अभी वक्त है — पर फिलहाल दिल्ली को जो चाहिए था, वो मिल गया।
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