दिल्ली: 'इन्हें किसी की परवाह नहीं, पूरे सिस्टम को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं', विपक्ष पर भड़कीं सीएम रेखा
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 | 03:11 PM
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा इन दिनों अपने चरम पर है, जहां हाल ही में सामने आए घटनाक्रम के बाद रेखा आतिशी विपक्ष हमला का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों के हालिया विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा प्रहार किया है। सीएम रेखा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग खुद को विपक्ष कहते हैं, वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में इस कदर घिरे हुए हैं कि उन्हें किसी की भी परवाह नहीं है। इस सियासी घमासान के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कई बड़े प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं, जैसा कि हाल ही में दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के हालिया बयानों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
आनंद विहार में प्रदूषण समीक्षा और विकास कार्य
एक तरफ जहां राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से आनंद विहार में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न उपायों की गहन समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान दोनों दिग्गजों ने क्षेत्र के पांच प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशनों का विधिवत उद्घाटन किया और साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान हाल ही में चर्चा में आए कोर्ट द्वारा मांगे गए मामलों के कानूनी पहलुओं पर भी जानकारों की नजर बनी हुई है।
प्रदूषण के आंकड़ों में सुधार और केंद्रीय मंत्री का बयान
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में एक बेहद सराहनीय मुहिम शुरू हुई है जिसके तहत हम सब अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए दिल्ली के वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पिछले दिनों जो 11 एक्शन पॉइंट्स तय किए गए थे, उन्हें सरकार ने धरातल पर पूरी तरह से उतारा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जिस आनंद विहार हॉटस्पॉट पर बीते 30 अगस्त को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 430 दर्ज किया गया था, वह घटकर आज मात्र 92 पर आ गया है, जो सरकार की प्रभावी नीतियों का स्पष्ट परिणाम है। इसके अलावा, राजधानी के कारोबारियों के लिए उद्योग मित्र पोर्टल के जरिए व्यापारिक सुगमता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
विपक्ष पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का तीखा हमला
प्रदूषण नियंत्रण के सकारात्मक कार्यों के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के प्रदर्शनों और कार्यशैली पर करारा प्रहार किया। उन्होंने इंडिया ब्लॉक और विपक्षी दलों के प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि ये लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में इतने अंधे हो चुके हैं कि इन्हें आम जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं, मीडियाकर्मियों या फिर कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस तक की कोई परवाह नहीं है। सीएम रेखा ने आरोप लगाया कि ये तत्व अपनी तुच्छ राजनीति के लिए पूरे प्रशासनिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरे देश में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के तहत जहां-जहां परिणाम इनके अनुकूल आए, वहां ये पूरी तरह शांत बैठे रहे, लेकिन जहां परिणाम इनके पक्ष में नहीं आए, वहां ये पूरी प्रक्रिया पर बेबुनियाद इल्जाम लगाने से नहीं चूकते। इस संदर्भ में चुनाव आयोग द्वारा SIR प्रक्रिया पर दी गई स्पष्टीकरण रिपोर्ट भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक फेरबदल और जनहित के निर्णय
राजनीतिक और पर्यावरणीय बहसों के बीच दिल्ली सरकार लगातार जनहित और प्रशासनिक सुधार के मोर्चे पर भी सक्रिय है। सरकार ने हाल ही में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े निर्णय लेते हुए पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी को समाप्त कर नए स्ट्रक्चर की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले समय में दिल्ली आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों में समरसता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नकारात्मक ताकतों को समाज में विभाजन फैलाने का मौका न दिया जाए, जैसा कि अन्य मंचों पर
निष्कर्ष
वर्तमान परिदृश्य में यह स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार एक तरफ जहां पर्यावरण सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और व्यावसायिक सुगमता जैसे गंभीर मुद्दों पर धरातल पर ठोस परिणाम देने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर विपक्ष के साथ उसका टकराव भी लगातार गहराता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक नीतियां और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राजधानी की दशा और दिशा को किस ओर ले जाता है।
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