एक पेड़ माँ के नाम: UP में आज से शुरू हो रहा है देश का सबसे बड़ा वृक्षारोपण महाभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ माँ के नाम' महाभियान के तहत प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हो रही है। लखनऊ में महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना, उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंध परियोजना की लॉन्चिंग, 100 आर्द्रभूमियों की अधिसूचना और वृक्षारोपण महाभियान-2026 के लोगो का अनावरण जैसे बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही बलरामपुर में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी होगा। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को एक भावनात्मक रिश्ते से जोड़ता है — माँ के नाम पर एक पेड़।
केंद्रीय संपादकीय डेस्क • शुक्रवार, 5 जून 2026 | 12:43 PM
माँ को समर्पित एक हरा-भरा संकल्प
सोचिए — एक पेड़ लगाना और उसे अपनी माँ के नाम करना। इसमें कितनी सादगी है, और कितना गहरा भाव। 'एक पेड़ माँ के नाम' महाभियान यही करता है। यह अभियान पर्यावरण को एक ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि एक रिश्ता बनाता है।
आज से प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हो रही है — और इसके साथ कई बड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं।
लखनऊ में बनेगा 'महर्षि चरक औषधि वन'
यह सुनकर अच्छा लगता है। लखनऊ में 'महर्षि चरक औषधि वन' की स्थापना होगी — यानी एक ऐसा वन जहाँ औषधीय पौधे होंगे, जो हमारी पुरानी आयुर्वेदिक परंपरा को ज़िंदा रखेंगे। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब लोग organic और natural की तरफ लौट रहे हैं, ऐसे में यह कदम काफी meaningful है। महर्षि चरक — जो आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं — उनके नाम पर यह वन एक तरह से उस ज्ञान को सम्मान देना है जो सदियों से हमारी धरती में समाया हुआ है।स्वच्छ हवा के लिए नई परियोजना
दिल्ली की pollution की खबरें हम सब सुनते-सुनते थक चुके हैं। लेकिन UP भी इस समस्या से अनछुआ नहीं है। आज उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंध परियोजना launch होगी। यह सिर्फ एक नाम नहीं है। इसका मतलब है कि प्रदेश में air quality को monitor करने, सुधारने और long-term plan बनाने की दिशा में ठोस काम होगा। साथ ही वृक्षारोपण महाभियान-2026 का logo भी आज unveil किया जाएगा — जो अगले साल के बड़े अभियान की नींव रखता है।100 आर्द्रभूमियाँ — एक बड़ा पर्यावरणीय कदम
बलरामपुर में विकास की नई धड़कन
आज का दिन सिर्फ पर्यावरण के नाम नहीं है। माँ पाटेश्वरी की पावन धरा — बलरामपुर — में भी बड़े काम होंगे। वहाँ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। बलरामपुर एक ऐसा जिला है जहाँ विकास की ज़रूरत वर्षों से महसूस की जा रही थी। नई परियोजनाएँ वहाँ के लोगों के लिए रोज़गार, बेहतर सड़कें, और बेहतर ज़िंदगी की उम्मीद लेकर आती हैं। यह सिर्फ ribbon-cutting नहीं — यह किसी के घर तक पहुँचने वाली सड़क है, किसी के बच्चे का स्कूल है।एक पौधा लगाओ — बस इतना काफी है
इस पूरे महाभियान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें आम आदमी की भूमिका है। सरकार परियोजनाएँ launch करती है, plans बनाती है — लेकिन जब तक हर घर का एक आदमी एक पौधा नहीं लगाता, तब तक कोई भी अभियान अधूरा रहता है। मातृभूमि, मातृशक्ति और प्रकृति — तीनों 'माँ' हैं। और माँ के लिए एक पेड़ लगाना — यह तो सबसे आसान और सबसे प्यारा तरीका है उनसे प्यार जताने का। तो इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, अगर एक पौधा लगा सकते हो — लगाओ। उसे नाम दो। अपनी माँ का नाम। हरित उत्तर प्रदेश का सपना तभी पूरा होगा।टैग्स:
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