लखनऊ में रविवार को ब्रजेश पाठक आम पार्टी की चर्चा सियासी गलियारों में तेज हो गई. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष चारपाई पर बैठकर पूरी तरह अवधी अंदाज में मलिहाबादी आम का आनंद लेते नजर आए.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान रविवार शाम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के लॉन को पारंपरिक अवधी माहौल में सजाया गया. यहां चारपाई पर बैठकर सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम और पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों ने मलिहाबाद के मशहूर दशहरी और चौसा आम का लुत्फ उठाया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं.
ब्रजेश पाठक के आवास पर चारपाई पर बैठकर सीएम योगी, नितिन नवीन, केशव प्रसाद मौर्य और बी.एल. संतोष ने मलिहाबादी दशहरी और चौसा आम का आनंद लिया.
ब्रजेश पाठक आम पार्टी में चारपाई पर बैठे बीजेपी के शीर्ष नेता
नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के पहले दिन जहां बैठकों और चुनावी रणनीति पर मंथन चला, वहीं रविवार को बैठकों से फुर्सत मिलते ही वे सीधे ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे. यहां औपचारिक मुलाकात की बजाय पूरी तरह देसी अंदाज में आम पार्टी का आयोजन हुआ, जिसने राजनीतिक हलकों में खासी दिलचस्पी पैदा कर दी.
बिना किसी तामझाम के नेताओं ने खाट पर बैठकर देसी अंदाज में आम चूसते-खाते हुए अनौपचारिक बातचीत की. शनिवार को हुई चाय पर चर्चा के बाद रविवार की यह आम पार्टी बीजेपी संगठन और सरकार के बीच तालमेल दिखाने वाली एक बड़ी तस्वीर के तौर पर देखी जा रही है.
मलिहाबादी दशहरी और चौसा आम पर सियासी विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ब्रजेश पाठक आम पार्टी के तीन बड़े राजनीतिक मायने निकलकर सामने आए हैं. पहला, सरकार और संगठन के बीच तनातनी की चल रही अफवाहों पर इस एक तस्वीर ने विराम लगा दिया है. दूसरा, चारपाई पर बैठकर आम खाना यूपी के ग्रामीण मतदाताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं तक यह संदेश पहुंचाता है कि शीर्ष नेतृत्व जमीन से जुड़ा है. तीसरा, यह अनौपचारिक आयोजन दिखाता है कि पार्टी हर मोर्चे पर सहज है और चुनावी दबाव हावी नहीं है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस अनौपचारिक आम बैठक में सिर्फ स्वाद ही नहीं लिया गया, बल्कि आत्मीय माहौल में 2027 की चुनावी रणनीति पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई. सूत्रों का कहना है कि जब शीर्ष नेता खुले माहौल में साथ बैठते हैं, तो कई राजनीतिक मुद्दे आसानी से सुलझ जाते हैं.
“इस अनौपचारिक आम बैठक में केवल स्वाद नहीं लिया गया, बल्कि आत्मीय माहौल में रणनीति पर भी चर्चा हुई.” — पार्टी सूत्र
अखिलेश यादव के खेमे में क्यों मची खलबली?
समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव लंबे समय से बीजेपी के भीतर आंतरिक गुटबाजी का दावा करते रहे हैं. सपा का नैरेटिव यह रहा है कि यूपी बीजेपी में संगठन और सरकार के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम की यह ‘केमिस्ट्री’ सपा के इस चुनावी दावे को कमजोर करने वाली मानी जा रही है.
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मलिहाबाद के आम के बहाने बीजेपी ने प्रदेश के कोर वोट बैंक और जमीनी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि शीर्ष नेतृत्व एकजुट और जमीन से जुड़ा हुआ है. गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, जब बीजेपी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी है. ब्रजेश पाठक आम पार्टी की यह तस्वीर आने वाले महीनों में यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बनी रह सकती है.
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख पत्रकारिता मानकों, तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है।
