गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित जीडी इंटरनेशनल स्कूल में प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के फर्रुखनगर सेंटर की ओर से तनाव प्रबंधन पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में स्कूल डायरेक्टर सुनील यादव समेत बीके प्रोमिला दीदी और बीके गार्गी दीदी ने राजयोग मेडिटेशन के जरिए तनाव को नियंत्रित करने के तरीके बताए.
कार्यक्रम में स्कूल के दर्जनों शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया. आयोजकों ने घर और कार्यस्थल दोनों जगह तनाव कम करने के लिए राजयोग को एक कारगर माध्यम बताया, जिससे रिश्तों में मधुरता और कार्यक्षमता में सुधार होने का दावा किया गया.
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भारत में 9000 से ज्यादा और 140 देशों में करीब 5000 सेवा केंद्रों के जरिए राजयोग का प्रशिक्षण नि:शुल्क देता है.
तनाव प्रबंधन कार्यशाला में क्या हुआ खास
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग तनाव के दबाव में जी रहे हैं, जिसका असर उनके पारिवारिक और कार्यस्थल दोनों जीवन पर पड़ता है. इसी समस्या को केंद्र में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की गई.
बीके प्रोमिला दीदी और बीके गार्गी दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन न केवल तनाव को काउंटर करने का माध्यम है, बल्कि स्वयं के व्यवहार में बदलाव लाकर घर और सहकर्मियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाने में भी मदद करता है.
ब्रह्मा कुमारीज संस्थान की पहुंच और राजयोग प्रशिक्षण
प्रोमिला दीदी ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भारत में 9000 से अधिक सेवा केंद्रों और विदेशों में 140 देशों में लगभग 5000 सेवा केंद्रों के माध्यम से राजयोग का आध्यात्मिक प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क देता है.
उनके अनुसार, एक सप्ताह की आधे घंटे की शुरुआती ट्रेनिंग के बाद इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से लगातार फॉलो किया जा सकता है, जिससे यह आम लोगों के लिए भी सुलभ बन जाता है.
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | जीडी इंटरनेशनल स्कूल, फर्रुखनगर, गुरुग्राम |
| आयोजक संस्था | प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय |
| सेवा केंद्र (भारत) | 9000 से अधिक |
| सेवा केंद्र (विदेश) | 140 देशों में करीब 5000 |
स्टाफ और शिक्षकों ने जताया विश्वास
कार्यशाला के अंत में बीके स्वाति बहन ने स्कूल ऑडिटोरियम में तनाव प्रबंधन पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की. इसमें तनाव क्या होता है, यह क्यों होता है और इसे कैसे नियंत्रित किया जाए, इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
इस सत्र में दर्जनों शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की ट्रेनिंग से उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर और संस्थान को सामूहिक रूप से बेहतर कार्यक्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी.
फर्रुखनगर में नि:शुल्क राजयोग प्रशिक्षण की सुविधा
आयोजकों ने बताया कि फर्रुखनगर क्षेत्र में दो सेंटर मौजूद हैं, जहां बिना किसी शुल्क के राजयोग मेडिटेशन सिखाया जाता है. शुरुआत में सात दिनों तक आधे घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से मेडिटेशन जारी रख सकते हैं.
स्कूल प्रबंधन ने इस पहल को शिक्षकों और स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की इच्छा जताई.
गुरुग्राम के शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं आने वाले समय में और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन और शिक्षक दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य को कार्यक्षमता से जोड़कर देख रहे हैं.
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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