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Monday, 06 Jul 2026

गुरुग्राम: सिल्वर स्ट्रीक हॉस्पिटल में ब्रह्मा कुमारीज ने मनाया डॉक्टर्स डे, तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला

रुग्राम के सिल्वर स्ट्रीक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टर्स डे के मौके पर ब्रह्मा कुमारीज संस्थान ने तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की, जिसमें डॉक्टरों को राजयोग मेडिटेशन के तरीके सिखाए गए

 

गुरुग्राम के सेक्टर 86 स्थित सिल्वर स्ट्रीक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हॉस्पिटल प्रबंधन के सहयोग से डॉक्टर्स डे के अवसर पर “हेल्दी डॉक्टर्स, हेल्दी टुमारो” थीम पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई. राजस्थान के भिवाड़ी से आए डॉक्टर बीके रूप सिंह, जो इंटरनल मेडिसिन में एमडी हैं, ने अपने 36 साल के चिकित्सा अनुभव और अध्यात्म के तालमेल पर विचार साझा किए.

हॉस्पिटल के मालिक और डायरेक्टर डॉ. वीके गुप्ता अपने परिवार सहित इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. करीब 25-30 डॉक्टर्स और स्टाफ सदस्यों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया और मेडिटेशन को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के महत्व को समझा.

डॉक्टर बीके रूप सिंह ने कार्यशाला में कहा कि इंसान मन से ज्यादा और तन से कम बीमार होता है, फिर भी मन की खुशी खरीदने के लिए कोई मॉल या दुकान मौजूद नहीं है.

तनाव प्रबंधन कार्यशाला में डॉक्टरों ने की सक्रिय भागीदारी

सिल्वर स्ट्रीक हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला में डॉ. रूप सिंह ने अपने चिकित्सा करियर के दौरान अध्यात्म के प्रयोगों को विस्तार से साझा किया. मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने महसूस किया कि मेडिटेशन को रोजाना का नियम बनाकर ही तनाव पर काबू पाया जा सकता है.

डॉ. वीके गुप्ता ने ब्रह्मा कुमारीज संस्थान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम डॉक्टरों और सपोर्टिंग स्टाफ का मनोबल बढ़ाते हैं. उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की इच्छा जताई.

डिजिटल डिटॉक्स और “लेटर टू गॉड” गतिविधि में दिखा उत्साह

कार्यशाला के दौरान सभी डॉक्टरों ने डिजिटल डिटॉक्स और “लेटर टू गॉड” जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. आयोजकों ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल, टीवी जैसे गैजेट्स और बाहर के खान-पान का स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे तनाव प्रबंधन प्रभावित हो रहा है.

प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के फर्रुखनगर सेंटर से बीके प्रोमिला दीदी और बीके गार्गी दीदी ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से शांति, प्रेम, ज्ञान और पवित्रता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे. उन्होंने उपस्थित स्टाफ के सवालों के जवाब भी दिए.

विषय जानकारी
आयोजन स्थल सिल्वर स्ट्रीक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर 86, गुरुग्राम
मुख्य वक्ता डॉ. बीके रूप सिंह (एमडी, इंटरनल मेडिसिन), भिवाड़ी, राजस्थान
प्रतिभागी 25-30 डॉक्टर्स और स्टाफ सदस्य
आयोजक संस्था प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, फर्रुखनगर सेंटर

फर्रुखनगर और सेक्टर 92 में नि:शुल्क राजयोग प्रशिक्षण की सुविधा

बीके प्रोमिला दीदी और बीके गार्गी दीदी ने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर 92 और फर्रुखनगर में दो सेंटर मौजूद हैं, जहां बिना किसी शुल्क के राजयोग मेडिटेशन सिखाया जाता है. शुरुआत में सात दिनों तक आधे घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से इसे जारी रख सकते हैं.

कार्यशाला के दौरान डॉ. रूप सिंह के इस सवाल पर कि मन की खुशी खरीदने का कोई साधन नहीं है, उपस्थित लोग खामोश हो गए, जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि शांति और स्वास्थ्य पैसे से नहीं, बल्कि आत्म-प्रयास से हासिल होते हैं.

गुरुग्राम के चिकित्सा संस्थानों में इस तरह के तनाव प्रबंधन कार्यक्रमों को लेकर रुचि लगातार बढ़ती दिख रही है, क्योंकि डॉक्टर और स्टाफ दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर कार्यक्षमता से सीधे जुड़ा हुआ मान रहे हैं.

लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स

संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।