उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपने जनसेवा वाले चिर-परिचित अंदाज़ में नजर आए हैं। रविवार, 30 अगस्त 2026 को सीएम योगी ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अमले को सख्त लहजे में जन-समस्याओं के शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के निर्देश दिए। समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर स्थित गौशाला भी पहुंचे, जहां उन्होंने गौ सेवा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, किसी भी मामले को लटकाया न जाए और हर पीड़ित को समय पर न्याय व उचित राहत मिलनी चाहिए।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्राथमिकता से हो समाधान” – अधिकारियों को सख्त निर्देश
सीएम ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी मामले को लटकाया न जाए और हर पीड़ित को समय पर न्याय और उचित राहत मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि सीएम खुद जमीनी स्तर पर समस्याओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
सुबह से लगी फरियादियों की कतारें, सीएम ने खुद सुनी समस्याएं
गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस जनता दर्शन में सुबह से ही अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लोगों की कतारें लगी थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद एक-एक कर फरियादियों के पास जाकर उनकी शिकायतें सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें सीएम ने बेहद संजीदगी से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
गौशाला पहुंचकर की गौ सेवा, हाथों से खिलाया चारा
फरियादियों की समस्याएं सुनने और अधिकारियों को दिशा-निर्देश देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में स्थित गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए गायों को दुलारा और उन्हें अपने हाथों से चारा खिलाकर गौ सेवा की।
सीएम योगी का गौ-वंश के प्रति प्रेम जगजाहिर है, और जब भी वे गोरखपुर प्रवास पर होते हैं, तो गौशाला में समय बिताना और गौ सेवा करना उनकी दिनचर्या का एक अभिन्न और सबसे अहम हिस्सा होता है।

