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डीएम की डोभी ब्लॉक में किसानों के साथ बैठक रहीं बेनतीजा

मुआवजा न मिलने से नाराज़ किसानों ने 16 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम वाराणसी, 3 सितंबर 2025: वाराणसी से आजमगढ़ को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 233/28 की फोरलेन सड़क का निर्माण मुआवजा न मिलने...

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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • बुधवार, 3 सितंबर 2025 | 12:52 PM

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डीएम की डोभी ब्लॉक में किसानों के साथ बैठक रहीं बेनतीजा
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मुआवजा न मिलने से नाराज़ किसानों ने 16 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम

वाराणसी, 3 सितंबर 2025: वाराणसी से आजमगढ़ को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 233/28 की फोरलेन सड़क का निर्माण मुआवजा न मिलने की वजह से रुका हुआ है। गुस्साए किसानों ने 16 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पिछले 12 सालों से किसान अपनी ज़मीन के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हाल ही में डोभी ब्लॉक में ज़िलाधिकारी (डीएम) ने किसान नेताओं के साथ बैठक की थी। इस दौरान डीएम ने 27 जून तक तीन गाँवों के किसानों को मुआवजा देने का वादा किया था। लेकिन यह वादा भी खोखला साबित हुआ, क्योंकि अभी तक किसी भी किसान को मुआवजा नहीं मिला। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को बार-बार अनसुना किया जा रहा है।

दानगंज टोल प्लाजा पर मुफ्त आवागमन

किसान नेता अजीत सिंह के लगातार विरोध के बाद दानगंज के डेहरी टोल प्लाजा पर कमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल फ्री कर दिया गया है। यह कदम किसानों के दबाव के बाद उठाया गया, लेकिन मुआवजे की मुख्य मांग अभी भी अनसुलझी है।

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किसानों का दर्द: मौतें और दुर्घटनाएँ

किसान नेताओं का दावा है कि मुआवजे की लड़ाई में अब तक करीब एक हजार किसानों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, सड़क निर्माण से जुड़ी दुर्घटनाओं में 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी ज़मीन ले ली गई, लेकिन बदले में न तो मुआवजा मिला और न ही सम्मान।

सपा सांसद के खिलाफ विरोध की चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मुआवजा नहीं मिला, तो वे सपा सांसद प्रिया सरोज की शादी के दौरान उनके आवास से बारात स्थल तक मृत किसानों की तस्वीरें लगाकर विरोध करेंगे। यह कदम सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।

सरकार से मांग

किसान मुआवजे के साथ-साथ सड़क निर्माण से प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को उनकी बात सुननी होगी, वरना आंदोलन और तेज़ होगा।

रिपोर्ट: राम भुवन सिंह/पीयूष सिंह

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