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योगी आदित्यनाथ का बड़ा दावा: 2017 से पहले यूपी में थे सिर्फ 1.5 एक्सप्रेसवे, अब 10 संचालित और 7 शहरों में मेट्रो

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | 01:27 PM

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योगी आदित्यनाथ का बड़ा दावा: 2017 से पहले यूपी में थे सिर्फ 1.5 एक्सप्रेसवे, अब 10 संचालित और 7 शहरों में मेट्रो
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1. हुक: स्पीड और कनेक्टिविटी से बदला उत्तर प्रदेश का परिदृश्य

2. समस्या: 2017 से पहले की बदहाल सड़कें और सीमित कनेक्टिविटी

वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे की स्थिति काफी दयनीय थी। राज्य में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे का दायरा सीमित था और ट्रैफिक जाम तथा बदहाल सड़कों के कारण आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। इसके अलावा, गन्ना किसानों के मुद्दों और व्यापारियों के लिए अपनी उपज या सामान को बड़े शहरों के बाजारों तक समय पर पहुंचाना एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ था।

3. समाधान: 10 संचालित एक्सप्रेसवे और 7 शहरों में मेट्रो का विस्तार

राज्य सरकार ने 2017 के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्सप्रेसवे मेट्रो उत्तर प्रदेश में ढांचागत सुधारों का नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। वर्तमान में राज्य में 10 एक्सप्रेसवे संचालित हैं और कई अन्य पर कार्य तेजी से जारी है। इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और मेरठ जैसे 7 बड़े शहरों में मेट्रो सेवाएं आम नागरिकों का जीवन आसान बना रही हैं।

हवाई संपर्क को मजबूती देने के लिए राज्य में 12 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का जाल बिछाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्सप्रेसवे मेट्रो उत्तर प्रदेश की इस नई उड़ान से कृषि उपज को सीधे बड़े बाजार मिल रहे हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और उद्यमिता के नए रास्ते खुल गए हैं।

4. सुझाव: बुनियादी ढांचे के विकास से आम नागरिक ऐसे उठाएं लाभ

उत्तर प्रदेश में मजबूत होते बुनियादी ढांचे का अधिकतम लाभ उठाने के लिए नागरिकों, किसानों और कारोबारियों को इन मुख्य बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • कृषक वर्ग: किसान एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क नेटवर्क का उपयोग करके अपनी फसलों को बिना देरी के बड़े अंतरराज्यीय बाजारों तक पहुंचाएं।
  • युवा और उद्यमी: नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास अपने नए स्टार्ट-अप और व्यापार स्थापित करें।
  • स्थानीय पर्यटन: बेहतर कनेक्टिविटी से धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे स्थानीय लोग होम-स्टे और हस्तशिल्प सेवाओं में अपनी आजीविका बढ़ा सकते हैं।
  • समय प्रबंधन: कामकाजी लोग मेट्रो और एक्सप्रेसवे का उपयोग करके दैनिक यात्रा में लगने वाले समय की बचत करें।

5. निष्कर्ष: 'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' और भविष्य की राह

निष्कर्षतः, उत्तर प्रदेश आज गांव से लेकर कस्बे और बड़े शहरों तक एक समान विकास की मिसाल पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्सप्रेसवे मेट्रो उत्तर प्रदेश को नए भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहे हैं। इस एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क ने न केवल उत्तर प्रदेश की दूरी घटाई है, बल्कि राज्य में खुशहाली और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया सूर्योदय किया है।

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देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।