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कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली का कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किया दौरा, वन महोत्सव में किया वृक्षारोपण

आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली का दौरा कर वन महोत्सव में वृक्षारोपण किया, जिसमें 105 से अधिक किसानों ने सहभागिता की

देश की पत्रिका टीम
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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • बुधवार, 8 जुलाई 2026 | 10:06 AM

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कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली का कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किया दौरा, वन महोत्सव में किया वृक्षारोपण
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली का दौरा कर केंद्र की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली. इस दौरान वन महोत्सव के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया और 105 से अधिक किसानों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.

चंदौली स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के दौरे के दौरान कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्र की गतिविधियों को करीब से देखा और किसानों से गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, प्राकृतिक खेती एवं पौधरोपण अपनाने का आह्वान किया. कार्यक्रम में निदेशक प्रसार डॉ. राम बटुक सिंह और केवीके अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में वन महोत्सव के तहत वृक्षारोपण किया, जिसमें 105 से अधिक किसानों ने सहभागिता की.

कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में किसानों को दी गई प्राकृतिक खेती की जानकारी

दौरे के दौरान कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान न केवल मिट्टी की उर्वरता बचा सकते हैं, बल्कि लंबे समय में बेहतर उत्पादन भी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने की भी अपील की, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे.

कुलपति ने केंद्र में चल रही विभिन्न शोध और प्रशिक्षण गतिविधियों का भी जायजा लिया और वैज्ञानिकों से केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी ली.

वन महोत्सव के तहत कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में वृक्षारोपण, 105 किसानों ने की सहभागिता

कार्यक्रम की खास बात वन महोत्सव के अंतर्गत हुआ वृक्षारोपण रहा, जिसमें कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने खुद पौधे लगाए. इस मौके पर 105 से अधिक किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर कृषि अपनाने का संकल्प लिया.

निदेशक प्रसार डॉ. राम बटुक सिंह और केवीके अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने भी किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया. आयोजन में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने में मददगार साबित होते हैं.

कुल मिलाकर, कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली का यह दौरा किसानों को प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ. आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों को टिकाऊ और आत्मनिर्भर कृषि की ओर आगे बढ़ाने में सहायक होगी.

लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स

संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।


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