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हल्द्वानी में पुष्कर सिंह धामी जनता दरबार: सीएम ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 | 11:15 AM

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हल्द्वानी में पुष्कर सिंह धामी जनता दरबार: सीएम ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
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वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और उच्च प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

सर्किट हाउस हल्द्वानी में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक एवं जनसुनवाई में क्षेत्र के तमाम शीर्ष जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद दिनेश आर्या और विधायक सुरेश गढ़िया ने भी जनता की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

प्रशासनिक तैयारियों का लिया जायजा

प्रशासनिक मोर्चे पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी समेत सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो शिकायतें जिला स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें तत्काल निस्तारित किया जाए और शासन स्तर की फाइलों पर भी त्वरित समन्वय बनाकर कार्रवाई पूरी की जाए।

स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान

जनता दरबार में मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति, जर्जर सड़कों की मरम्मत, भूमि संबंधी विवाद, बिजली बिलों की विसंगतियां और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई गईं। युवाओं और बेरोजगार अभ्यर्थियों ने भी राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार के अवसरों से संबंधित विषय उठाए। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार युवाओं के हितों के लिए निरंतर प्रयासरत है, जैसी प्रतिबद्धता 1600 पदों को जल्द भरने का एलान के दौरान भी दिखाई दी थी।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कई समस्याओं का निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित दूरभाषीय निर्देश दिए। पेयजल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा गया कि मानसून के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत की समयसीमा तय की जाए और पेयजल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।

निगरानी और जवाबदेही के लिए विशेष व्यवस्था

सर्किट हाउस में जनसमस्याओं को सुनने के पश्चात मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वे जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों का एक एकीकृत रजिस्टर या डिजिटल पोर्टल तैयार करें। प्रत्येक शिकायतकर्ता को एक ट्रैकिंग नंबर दिया जाए और शिकायत निस्तारण की स्थिति की समीक्षा साप्ताहिक आधार पर की जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आम जनता के विश्वास को बनाए रखना ही धामी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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