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जनता दर्शन में सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश, कहा- जन कल्याण सरकार का संकल्प

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 05:05 PM

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जनता दर्शन में सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश, कहा- जन कल्याण सरकार का संकल्प
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सीएम योगी जनता दर्शन के नियमित क्रम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनसुनवाई की। सुबह-सुबह आयोजित इस जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं उनके सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी की बात बेहद संवेदनशीलता के साथ सुनी और मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर मामले का त्वरित, पारदर्शी और संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनता के जीवन में खुशहाली लाना और उनकी हर समस्या का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

गोरखनाथ मंदिर में सुनी गई समस्याएं, अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश

मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठे फरियादियों के पास खुद चलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। उन्होंने एक-एक व्यक्ति से प्रार्थना पत्र लिया और उनकी समस्याओं की गहराई से जानकारी ली। इस दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें आर्थिक सहायता की मांग की गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन नागरिकों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं या जो गंभीर बीमारियों के इलाज में असमर्थ हैं, उनके मेडिकल एस्टीमेट की प्रक्रिया को तुरंत पूरा कराया जाए ताकि सरकार की ओर से उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचाया जाना अनिवार्य है।

अवैध कब्जाधारियों और भू-माफिया पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

जनता दर्शन के दौरान भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें भी प्रमुखता से आईं। इन मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी गरीब, कमजोर या असहाय व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाने चाहिए। ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, यदि जमीन या संपत्ति का विवाद पारिवारिक प्रकृति का है, तो दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी संवाद और समझौते के जरिए उसका स्थायी समाधान निकाला जाए। राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हो न्याय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाने और तहसीलों स्तर पर आने वाले हर फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। आम जनता को न्याय के लिए अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और जनहित की योजनाओं को मजबूती दे रही है, जैसे कि माफिया मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों के लिए आवासों का निर्माण कराया जा रहा है ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी उसका हक मिल सके। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कानून का राज सर्वोपरि है और पीड़ित को न्याय दिलाना प्रशासन का सबसे बड़ा कर्तव्य है।

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