पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। भाजपा नेता और नंदीग्राम आंदोलन के नायक शुभेंदु अधिकारी को अमित शाह ने बंगाल का अगला मुख्यमंत्री घोषित किया है। शपथ ग्रहण कल होगा। यह वही शख्स हैं जिन्होंने एक समय ममता बनर्जी की पार्टी की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी — और फिर उसी पार्टी से रास्ता अलग कर लिया।
राजनीति में कभी-कभी सबसे बड़ी पलटवार वहीं से आती है जहाँ से सबसे कम उम्मीद होती है। शुभेंदु की कहानी कुछ ऐसी ही है।
कांग्रेस से हुई थी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। पश्चिम मेदिनीपुर के तामलुक से उनका जुड़ाव जगजाहिर है। बाद में जब ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस बनाई, तो शुभेंदु उनके साथ हो लिए। उनके पिता शिशिर अधिकारी और परिवार बंगाल की राजनीति में काफी पहले से सक्रिय था, इसलिए जमीनी ताकत उनके पास हमेशा से थी।
नंदीग्राम आंदोलन — वो पहचान जो जिंदगीभर साथ रहेगी
2007 में जब पश्चिम बंगाल की तत्कालीन वामपंथी सरकार ने नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण की कोशिश की, तब शुभेंदु अधिकारी ने किसानों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जबरदस्त प्रतिरोध खड़ा किया। यह आंदोलन बाद में ममता बनर्जी की राजनीतिक सत्ता का टर्निंग पॉइंट बना। नंदीग्राम ने ही 2011 में वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
शुभेंदु उस आंदोलन का वो चेहरा थे जो जमीन पर लड़ता नजर आया — ममता की ताकत का एक बड़ा हिस्सा उनके कंधों पर टिका था।
TMC से दरार — अभिषेक बनर्जी का बढ़ता रसूख
वर्ष 2019-20 के बाद से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का तृणमूल कांग्रेस में प्रभाव तेजी से बढ़ने लगा। पार्टी में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की कोशिश में कई पुराने और वफादार नेता हाशिये पर जाते दिखे। शुभेंदु को लगा कि उनकी राजनीतिक भूमिका सीमित की जा रही है। पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी खुलकर सामने आने लगी।
यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है — वो नेता जिसने ममता को सत्ता की राह दिखाई, वही उनकी पार्टी का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बनने जा रहा था।
19 दिसंबर 2020 — वो तारीख जिसने बदल दी बंगाल की दिशा
| तारीख / घटना | विवरण |
|---|---|
| 2007 | नंदीग्राम भूमि आंदोलन में अहम भूमिका |
| 2011 | TMC सरकार बनी, शुभेंदु मंत्री बने |
| 2020 | अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव से नाराज, TMC छोड़ी |
| 19 दिसंबर 2020 | अमित शाह की उपस्थिति में BJP में शामिल |
| 2026 | बंगाल के अगले मुख्यमंत्री घोषित |
19 दिसंबर 2020 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। यह कोई साधारण दलबदल नहीं था — शुभेंदु के साथ उनका व्यापक जनाधार और संगठनात्मक नेटवर्क भी भाजपा के पाले में आया।
भाजपा के लिए यह उस बंगाल में पैठ बनाने का सुनहरा अवसर था जहाँ दशकों से उनका संघर्ष सीमित रहा था।
321 कार्यकर्ताओं की शहादत — भाजपा का बंगाल में लंबा संघर्ष
अमित शाह ने भाजपा की बंगाल में जीत पर बोलते हुए उन 321 कार्यकर्ताओं को याद किया जिन्होंने पार्टी के लिए अपनी जानें गंवाईं। शाह के अनुसार, यह जीत उन सभी बलिदानों का परिणाम है जो जमीनी स्तर पर वर्षों तक दिए गए।
कागजों पर कहानी कुछ और दिखती है, जमीन पर कुछ और — और बंगाल में भाजपा की यह जीत उसी जमीनी जद्दोजहद का नतीजा है।
शुभेंदु अधिकारी — बंगाल के अगले मुख्यमंत्री
भाजपा विधायक दल की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद अमित शाह ने घोषणा की कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। शपथ ग्रहण समारोह अगले दिन निर्धारित है।
यह वही शुभेंदु हैं जिन्होंने नंदीग्राम में ममता को जिताया, और फिर नंदीग्राम विधानसभा सीट पर ही ममता को चुनाव में हराया। इस एक तथ्य ने बहुत कुछ कह दिया — बंगाल की राजनीति में शुभेंदु का कद और उनकी जमीनी पकड़ किसी से छिपी नहीं है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख पत्रकारिता मानकों, तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है।
