कानपुर: सड़क मार्ग से वाल्मीकि आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का किया पूजन
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 | 12:21 PM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाल्मीकि आश्रम कानपुर पहुंचे। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी बिठूर स्थित हेलीपैड पर उतरने के पश्चात मुख्यमंत्री का काफ़िला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से वाल्मीकि आश्रम के लिए रवाना हुआ। आश्रम प्रांगण में प्रवेश करते ही उन्होंने रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा के सम्मुख विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और आरती उतारी। मुख्यमंत्री का यह दौरा बिठूर के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास और पौराणिक स्थलों के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिठूर हेलीपैड से वाल्मीकि आश्रम तक अभेद्य सुरक्षा और भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर निर्धारित समय पर बिठूर स्थित अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। वहां जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री का काफिला सड़क मार्ग से वाल्मीकि आश्रम के लिए रवाना हुआ। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सड़क के दोनों ओर स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उपस्थित थी।
वाल्मीकि आश्रम के मुख्य द्वार पर आश्रम के विद्वान पुजारियों और संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ मुख्यमंत्री की अगवानी की। आश्रम परिसर में स्थापित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होंने देश व प्रदेश की समृद्धि, शांति और जन-कल्याण के लिए प्रार्थना की।
आध्यात्मिक चेतना और संतों का सम्मान
पूजन-अर्चन के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्रम परिसर में उपस्थित संतों एवं महात्माओं से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने संतों से आश्रम की व्यवस्थाओं और पौराणिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री सदैव से प्रदेश की संत परंपरा और धार्मिक स्थलों के संवर्धन के प्रति संवेदनशील रहे हैं। हाल के दिनों में भी संतों के स्वास्थ्य और उनके मार्गदर्शन को लेकर सरकार की तत्परता देखने को मिली है, जैसा कि महंत नृत्य गोपाल दास ICU में भर्ती होने पर CM योगी ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना था।
आश्रम के विकास और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का संदेश संपूर्ण मानव जाति के लिए मार्गदर्शक है। बिठूर की पवित्र धरती ने भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए इसका गौरव पुनर्स्थापित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बिठूर के पौराणिक स्थलों का कायाकल्प और पर्यटन विकास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिठूर के सभी पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वाल्मीकि आश्रम, सीता रसोई, लव-कुश टीला और गंगा घाटों को एक सुव्यवस्थित पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बिठूर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है, जिससे न केवल सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण हो, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित हों।
प्रशासनिक स्तर पर सुशासन और जन-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार निरंतर कड़े निर्णय ले रही है। सार्वजनिक मार्गों पर निर्बाध आवागमन और कानून-व्यवस्था की मजबूती के लिए मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिसके तहत CM योगी का सख्त ऐलान कि सड़क पर नमाज नहीं होगी जैसे निर्णयों से सार्वजनिक स्थानों के अनुशासित उपयोग का संदेश दिया गया है।
प्रशासनिक समीक्षा और भावी कार्ययोजना
आश्रम में पूजन और दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्तिक पूर्णिमा और अन्य प्रमुख पर्वों पर बिठूर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए। गंगा नदी के तटों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बिठूर का सर्वांगीण विकास ही महर्षि वाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा।
क्षेत्रीय जन-आकांक्षाओं को बल
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