लखनऊ की राजनीति में इन दिनों एक ही चर्चा है — योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल होने वाला है।
BJP के कई विधायक महीनों से दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं। कोई पार्टी आलाकमान से मिल रहा है, कोई RSS के नेताओं के दरवाजे खटखटा रहा है। ये बेचैनी बेवजह नहीं है। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार करने वाली है — और इस बार 10 तक नए चेहरे शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली में बैठकों का दौर तेज
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पिछले कुछ हफ्तों में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और UP प्रभारी के साथ लखनऊ से आए कई विधायकों की मुलाकातें हुई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन बैठकों में कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी मंथन हो रहा है।
UP की राजनीति को करीब से देखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार का कहना है — “यह सिर्फ कैबिनेट विस्तार नहीं है, यह 2027 के लिए BJP का social engineering formula है। हर जाति, हर क्षेत्र को साधने की कोशिश होगी।”
यानी नाम सिर्फ काम के आधार पर नहीं तय होंगे — जाति समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के प्रति loyalty भी बड़े factors होंगे।
किन नेताओं का नाम सबसे आगे?
पक्के सूत्रों से जो नाम सामने आ रहे हैं, उनमें कुछ पुराने विधायक हैं जो लंबे समय से मंत्री पद के इंतजार में हैं। OBC, Dalit और पश्चिमी UP के नेताओं को प्राथमिकता मिलने की बात कही जा रही है।
- पश्चिमी UP से कम से कम 2-3 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। इस क्षेत्र में Jat और Gurjar community को represent करने वाले विधायक दावेदारी में हैं।
- OBC quota के तहत कई नाम चर्चा में हैं। पार्टी को पता है कि 2024 के Lok Sabha चुनाव में OBC वोट बैंक में जो दरार आई, उसे 2027 से पहले भरना होगा।
- पूर्वांचल से भी एक-दो मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है, ताकि उस क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत रहे।
- महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए भी कम से कम एक-दो महिला विधायकों को मौका मिल सकता है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई नाम confirm नहीं हुआ है।
कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी?
सिर्फ नए चेहरों की एंट्री नहीं होगी — कुछ मौजूदा मंत्रियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों का performance संतोषजनक नहीं रहा या जिनके विभाग में विवाद रहे, उनकी review हो चुकी है।
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UP में cabinet की maximum strength 60 है। अभी करीब 52-53 मंत्री हैं। यानी जगह है — लेकिन नए लोग लाने के लिए कुछ पुराने चेहरों को हटाना भी पड़ सकता है।
एक BJP विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा — “हम सब जानते हैं कि कुछ साथी अब ‘out’ होने वाले हैं। लेकिन किसकी बारी है, यह सिर्फ दिल्ली जानती है।”
टाइमिंग क्यों अभी?
सवाल यह है कि यह फेरबदल अभी क्यों?
जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से करीब दो साल पहले यह बिल्कुल सही समय है। नए मंत्रियों को काम दिखाने का वक्त मिलेगा। साथ ही Samajwadi Party लगातार BJP पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगा रही है — कैबिनेट में बदलाव से BJP उस narrative को counter कर सकती है।
Akhilesh Yadav पहले ही कह चुके हैं कि योगी सरकार में OBC और Dalit मंत्रियों को असली ताकत नहीं दी गई। BJP इस आरोप को बेअसर करना चाहती है।
कब होगा विस्तार?
कोई official date अभी नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में जो हलचल है, वह बता रही है कि यह कुछ हफ्तों की बात है।
Lucknow में BJP दफ्तर से लेकर विधायकों के बंगलों तक — हर जगह एक ही चर्चा है। फोन पर बातें हो रही हैं, WhatsApp पर नाम भेजे जा रहे हैं, और दिल्ली आने-जाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का यह खेल अभी और रोचक होने वाला है।
