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भारतीय व्यंजनों के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी संस्कृति को बढ़ावा देंगे: श्याम सुंदर अग्रवाल

नई दिल्ली। भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बीकानेरवाला के चेयरमैन श्याम सुंदर अग्रवाल ने भारतीय व्यंजनों को एक माध्यम बनाकर देश की संस्कृत...

देश की पत्रिका टीम
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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • मंगलवार, 6 जनवरी 2026 | 11:45 AM

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भारतीय व्यंजनों के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी संस्कृति को बढ़ावा देंगे: श्याम सुंदर अग्रवाल
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान से प्रेरित होकर, बीकानेरवाला के चेयरमैन श्याम सुंदर अग्रवाल ने भारतीय व्यंजनों के जरिए देश की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने का संकल्प लिया है। 'लोकल फॉर ग्लोबल' की इस अवधारणा का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करना और दुनिया भर में भारतीय संस्कृति की पहचान को मजबूत करना है।

अग्रवाल का स्पष्ट मानना है कि भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग देशों और संस्कृतियों को आपस में जोड़ने वाला एक मजबूत सांस्कृतिक पुल है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बीकानेरवाला के चेयरमैन श्याम सुंदर अग्रवाल द्वारा 'लोकल फॉर ग्लोबल' दृष्टिकोण की शुरुआत।
  • भारतीय व्यंजनों और पारंपरिक स्वादों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर संस्कृति का प्रसार।
  • वर्तमान में दुनिया भर के कई देशों में बीकानेरवाला के 50 से 60 आउटलेट्स का संचालन।
  • वर्ष 2026 और 2030 तक वैश्विक बाजार में आउटलेट्स की संख्या बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना।

प्रधानमंत्री का 'लोकल फॉर वोकल' अभियान और इसका महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए 'लोकल फॉर वोकल' का संदेश दिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना और 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करना है।

मोदी जी का दृष्टिकोण है कि नागरिकों को न केवल स्थानीय उत्पाद खरीदने चाहिए, बल्कि उनके बारे में खुलकर बात भी करनी चाहिए। इससे देश के छोटे उद्योगों, कुशल कारीगरों और मेहनतकश किसानों को सीधा लाभ मिलता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित होने पर इस अभियान ने विशेष महत्व प्राप्त किया। इसने लाखों नागरिकों को रोजगार के अवसर दिए और भारत को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया।

श्याम सुंदर अग्रवाल

श्याम सुंदर अग्रवाल का 'लोकल फॉर ग्लोबल' दृष्टिकोण

बीकानेरवाला के चेयरमैन श्याम सुंदर अग्रवाल ने 'लोकल फॉर वोकल' की परिकल्पना को एक कदम आगे बढ़ाते हुए 'लोकल फॉर ग्लोबल' का विचार रखा है। उनका मानना है कि हमारे उत्पाद ऐसे होने चाहिए जो संपूर्ण विश्व के लिए उपयोगी और हितकारी साबित हों।

अग्रवाल ने इस वैचारिक दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर भी सफलतापूर्वक लागू किया है। राजस्थान की प्रसिद्ध मिठाइयों और नमकीनों से शुरू हुआ बीकानेरवाला आज एक प्रतिष्ठित वैश्विक ब्रांड बन चुका है।

उनकी दूरदर्शिता के कारण पारंपरिक भारतीय स्वादों को आधुनिक पैकेजिंग और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पेश किया गया है। यह पहल दर्शाती है कि कैसे स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार में सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकते हैं।

बीकानेरवाला की घरेलू यात्रा और विस्तार

बीकानेरवाला की प्रेरणादायक शुरुआत राजस्थान के बीकानेर शहर से हुई थी, जहां पारंपरिक और शुद्ध मिठाइयां तैयार की जाती थीं। आज यह ब्रांड देश के प्रमुख महानगरों में अपने पैर पसार चुका है।

वर्तमान में कंपनी भारतभर में लगभग 200 आउटलेट्स संचालित कर रही है। ये आउटलेट्स दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इन केंद्रों पर रसगुल्ला, भुजिया, नमकीन और समोसे जैसे पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं। गुणवत्ता पर कड़ा नियंत्रण रखने के कारण आज यह देश का एक अत्यंत विश्वसनीय ब्रांड बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीकानेरवाला की उपस्थिति

देश के बाहर भी बीकानेरवाला ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। वर्तमान में कंपनी के 50 से अधिक आउटलेट्स विदेशों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति का परचम लहरा रहे हैं।

विभिन्न देशों में सक्रिय इन आउटलेट्स का वितरण निम्नलिखित तालिकाओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

देश का नाम आउटलेट्स की संख्या
दुबई 23
अमेरिका 12
लंदन 5
ऑस्ट्रेलिया 4
न्यूजीलैंड 3
सिंगापुर 2
कतर 2

इन विदेशी केंद्रों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय नागरिक रस मलाई, जलेबी और चाट जैसे व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। इसके जरिए वैश्विक पर्यटक भारत की विविध परंपराओं और संस्कृति से आसानी से परिचित हो रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं और विस्तार लक्ष्य

बीकानेरवाला का प्रबंधन दल विदेशों में 15 से 20 नए आउटलेट स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। जनवरी 2026 तक इन योजनाओं के धरातल पर उतरने की पूरी संभावना है।

कनाडा, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में नए केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव है, जहां मजबूत भारतीय प्रवासी समुदाय निवास करता है। श्याम सुंदर अग्रवाल का यह स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक इस ब्रांड की उपस्थिति 100 से अधिक देशों में हो।

इस वैश्विक विस्तार से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारतीय किसानों और कारीगरों को भी सीधा लाभ मिलेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ऑनलाइन डिलीवरी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

भारतीय व्यंजनों का सांस्कृतिक प्रभाव

अपने अनूठे मसालों, शाकाहारी विकल्पों और क्षेत्रीय विविधता के कारण भारतीय व्यंजन पूरी दुनिया में तेजी से अपनी पैठ बना रहे हैं। बीकानेरवाला जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं खान-पान की इस दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं।

हालांकि इस सफर में सांस्कृतिक अनुकूलन और गुणवत्ता बनाए रखने जैसी कुछ चुनौतियां भी हैं। इसके बावजूद, अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में इन सभी बाधाओं को अवसरों में बदला जा रहा है।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहा जाए तो श्याम सुंदर अग्रवाल के मार्गदर्शन में बीकानेरवाला केवल एक व्यापारिक ब्रांड नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का सच्चा दूत बन चुका है। 'लोकल फॉर ग्लोबल' का यह सपना यह साबित करता है कि भोजन संस्कृतियों को जोड़ने का सबसे प्रभावी जरिया है। आने वाले समय में यह पहल देश की आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को और अधिक बुलंद करेगी।

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देश की पत्रिका की आधिकारिक संपादकीय एवं रिपोर्टिंग टीम।