दिल्ली में इमारत गिरी, CM रेखा गुप्ता पहुंचीं मौके पर — सभी अवैध निर्माणों पर होगी कार्रवाई
दिल्ली में एक इमारत के अचानक ढहने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद मौके पर पहुंचीं और सभी अवैध व खतरनाक इमारतों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। CM ने MCD और संबंधित विभागों को दिल्ली भर में unauthorized buildings का survey करने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। हादसे में घायलों को अस्पताल भेजा गया और प्रभावित परिवारों को राहत व मुआवजा देने का ऐलान किया गया। CM ने लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही। यह मामला एक बार फिर दिल्ली में अवैध निर्माण और सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
केंद्रीय संपादकीय डेस्क • रविवार, 31 मई 2026 | 03:20 PM
मलबे के नीचे दबी जिंदगियां, चारों तरफ धूल और चीखें — यही मंजर था जब दिल्ली की एक इमारत अचानक ढह गई। और इस बार मुख्यमंत्री खुद मौके पर पहुंचीं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को उस इमारत का दौरा किया जो हाल ही में भरभराकर गिर पड़ी। वो अकेले नहीं गईं — साथ में अधिकारियों की पूरी टीम थी, और गुस्सा भी। मौके का जायजा लेने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा — दिल्ली में एक भी अवैध इमारत अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जब CM खुद उतरीं मैदान में
हादसे की खबर मिलते ही रेखा गुप्ता ने दफ्तर छोड़ा और सीधे site पर पहुंचीं। वहां का नजारा देखकर वो रुक गईं। टूटे हुए pillar, बिखरा हुआ सीमेंट, और आसपास के लोगों की आंखों में डर।
"यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, यह सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है" — CM ने मौके पर ही अधिकारियों को सुनाया। उन्होंने MCD और संबंधित विभागों को तत्काल जांच के आदेश दिए।
बताया जा रहा है कि यह इमारत कई साल पहले से 'dangerous' category में थी। नोटिस भी गए थे। लेकिन कार्रवाई? वो कागजों में ही दफन रही।
अवैध निर्माण — दिल्ली की पुरानी बीमारी
यह कोई पहली बार नहीं हुआ। दिल्ली में हर साल बारिश के मौसम से पहले और बाद में ऐसी खबरें आती हैं। कोई छत गिरती है, कोई दीवार। कुछ दिन हंगामा होता है, फिर सब भूल जाते हैं।
लेकिन इस बार CM ने जो कहा, वो थोड़ा अलग था।
उन्होंने आदेश दिया कि दिल्ली के सभी unauthorized और structurally unsafe buildings की list तैयार की जाए। हर ward में survey हो। और जो भी इमारतें खतरनाक पाई जाएं, उन पर बिना देरी के action लिया जाए — चाहे मालिक कोई भी हो।
MCD officials के अनुसार दिल्ली में हजारों की संख्या में ऐसी इमारतें हैं जो technically illegal हैं या जिनकी उम्र पूरी हो चुकी है। इनमें से कई में अभी भी लोग रह रहे हैं — क्योंकि उनके पास दूसरा रास्ता नहीं है।
बचाव और राहत — अभी क्या हो रहा है
हादसे के बाद NDRF और local teams ने तुरंत rescue operation शुरू किया। मलबे में फंसे लोगों को निकाला गया। कुछ को hospital भेजा गया, कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय और राहत सामग्री देने का काम शुरू हुआ। CM ने मुआवजे का भी ऐलान किया।
एक स्थानीय निवासी ने बताया — "हम लोग बरसों से कह रहे थे कि यह इमारत खतरनाक है। किसी ने नहीं सुना। आज जब गिर गई, तब अफसर आए।" उसकी आवाज में दर्द था, और शायद गुस्सा भी।
जांच और जवाबदेही — कागज से जमीन तक
CM ने यह भी कहा कि जो अधिकारी इस इमारत को लेकर लापरवाह रहे, उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। सिर्फ इमारत तोड़ना काफी नहीं — जो लोग आंखें मूंदे बैठे रहे, उनसे भी हिसाब मांगा जाएगा।
शहरी विकास विभाग को निर्देश दिया गया है कि अगले कुछ हफ्तों में एक detailed report तैयार हो — कितनी buildings हैं, किस हाल में हैं, और उनमें कितने लोग रहते हैं।
दिल्ली में building collapse कोई नई बात नहीं। लेकिन हर बार सवाल वही रहता है — क्या इस बार सच में कुछ बदलेगा? या यह भी सिर्फ एक और announcement बनकर रह जाएगी?
मलबे के पास खड़े उस बुजुर्ग की आंखें शायद यही पूछ रही थीं।
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