CM Yogi Adityanath Varanasi Speech: '10 साल पहले वाली सरकार नहीं, अब पीड़ितों को मिल रहा पूरा हक', वाराणसी में गरजे मुख्यमंत्री
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • रविवार, 6 सितंबर 2026 | 05:47 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद राहत शिविरों का दौरा किया, जहां उनका बहुचर्चित CM Yogi Adityanath Varanasi speech सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज राहत शिविर में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां मौजूद 200 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता के साथ खड़ी है।
विपक्ष पर प्रहार: '10 साल पहले वाली सरकार अब नहीं'
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "10 साल पहले वाली सरकार अब उत्तर प्रदेश में नहीं है, जब बाढ़ पीड़ितों को केवल सूखी ब्रेड देकर टरका दिया जाता था और सपाई पीड़ितों की सहायता राशि डकार जाते थे। अब ऐसा बिल्कुल नहीं है।" उन्होंने कहा कि आज आपके सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता के लिए जो राहत राशि भेजी है, उससे हर प्रभावित व्यक्ति तक सीधी सहायता पहुंच रही है। पीड़ितों को केवल सूखा राशन ही नहीं, बल्कि दूध, फल और गर्म भोजन के साथ सभी आवश्यक सामग्रियां दी जा रही हैं।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब आपदा आती है, तब कुछ लोग केवल राजनीति करते हैं। हाल ही में जहां 'रक्षाबंधन पर BJP की फ्री बस सेवा भी जुमला निकली', कहकर योगी सरकार पर अखिलेश यादव बरसे थे, वहीं मुख्यमंत्री ने वाराणसी की धरती से विकास कार्यों और पारदर्शी राहत वितरण का हवाला देकर विपक्ष के दावों को खारिज कर दिया।
बाढ़ पीड़ितों और प्रभावित किसानों के लिए राहत योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि वरुणा नदी में गंगा के पलट प्रवाह (बैकफ्लो) के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस बार वाराणसी के 16 वार्डों में प्रभावित 567 परिवारों को चिन्हित कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, बाढ़ के कारण 1131 किसानों की लगभग 131 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डूबी हुई फसलों का तत्काल सर्वे किया जाए ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, जो लूट-खसोट पर पूरी तरह रोक लगाती है। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष भी मानसून के दौरान गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं और यूपी के दर्जनों जिले अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बरसात के मौसम में राज्य के 40 से 45 जिले बाढ़ की चपेट में आते थे, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों के सुदृढ़ प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज केवल 14 जिले ही बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा, पहले बच्चे बड़े पैमाने पर मस्तिष्क ज्वर (एन्सेफलाइटिस) से पीड़ित होते थे, लेकिन आज इस पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है।
आपदा प्रबंधन और त्वरित सहायता का संकल्प
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार आपदा की स्थिति में त्वरित न्याय और आर्थिक सहायता सुनिश्चित कर रही है। अब बरसात के मौसम में बाढ़ के साथ-साथ मकान गिरने, आकाशीय बिजली गिरने या सर्पदंश जैसी प्राकृतिक आपदाओं को भी राहत सूची में शामिल किया गया है। ऐसी किसी भी अनहोनी की स्थिति में पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
इसके साथ ही, जिन लोगों के घर बाढ़ या अन्य आपदाओं में नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जा रहे हैं। बीमार लोगों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड जारी किए जा रहे हैं। गरीबों और जरूरतमंदों के राशन वितरण को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाल ही में CM योगी आदित्यनाथ ने उचित दर विक्रेताओं का लाभांश 35 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया है, जिससे राशन वितरण प्रणाली और सुदृढ़ होगी। देश के अन्य हिस्सों में भी जनता के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे दिल्ली में ₹2500 वाली योजना लागू की गई है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार सीधे आपदा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।
राहत शिविर में बच्चों से संवाद और मंत्रियों की उपस्थिति
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत शिविर में मौजूद प्राथमिक स्कूल के बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में बात की और उन्हें उपहार व पाठ्य सामग्रियां बांटीं। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम मंत्री अनिल राजभर, स्टांप राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी सहित प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राहत शिविर के कार्यक्रमों के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। वहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और फिर बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
आजमगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र
वाराणसी आने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के बरदह क्षेत्र स्थित जिवली गांव का दौरा किया था। वहां उन्होंने भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय की माता के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राजनीतिक गलियारों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं गर्म रहीं। जहां एक ओर देश में वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं और हाल ही में अखंड राजपूताना सेवा संघ ने अमित शाह को पत्र लिखकर स्वरा भास्कर पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं मुख्यमंत्री ने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।
आजमगढ़ में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, "जब आप सीधे जनता से जुड़ेंगे और सरकार के विकास कार्यों की सही जानकारी उन तक पहुंचाएंगे, तभी जनता का विश्वास आपके प्रति बढ़ेगा। इस बार के विधानसभा चुनावों में कोई बहाना नहीं चलेगा। कार्यकर्ताओं को अभी से जुटकर आजमगढ़ की सभी सीटें जीतकर दिखानी होंगी।"