दिल्ली मेट्रो लापरवाही: चलती ट्रेन में खुला रहा पायलट केबिन का गेट, येलो लाइन पर टला बड़ा हादसा
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 5 सितंबर 2026 | 02:12 PM
दिल्ली में यातायात की जीवन रेखा मानी जाने वाली मेट्रो सेवा से सुरक्षा में गंभीर चूक की एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ दिल्ली मेट्रो लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है, जिसने लाखों यात्रियों के सफर पर सुरक्षात्मक सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार, 4 सितंबर की सुबह येलो लाइन पर एक दौड़ती हुई मेट्रो ट्रेन के पायलट का पिछला केबिन का गेट कई किलोमीटर तक खुला रहा। इस गंभीर लापरवाही के बावजूद ट्रेन ट्रैक पर तेज गति से दौड़ती रही, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित जांच प्रक्रियाओं की पोल खोलकर रख दी है।
घटना का विवरण: सिविल लाइंस से मॉडल टाउन तक का सफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 6:15 बजे की है, जब दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर यात्रियों की आवाजाही शुरू ही हुई थी। ट्रेन सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन से आगे बढ़ रही थी, तभी एक जागरूक यात्री की नजर ट्रेन के पायलट के पिछले केबिन (रियर केबिन) पर पड़ी, जिसका गेट पूरी तरह से खुला हुआ था। यात्री ने तत्परता दिखाते हुए सिविल लाइंस स्टेशन पर मौजूद मेट्रो ऑपरेटिंग स्टाफ को तुरंत इस बारे में सूचित किया।
हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर शिकायत मिलने के बाद भी मेट्रो स्टाफ ने तुरंत ट्रेन को नहीं रोका। ट्रेन लगातार खुली केबिन के साथ ही आगे बढ़ती रही। आखिरकार, इस लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए मॉडल टाउन स्टेशन पर मेट्रो को रोका गया, जहां उपस्थित मेट्रो कर्मचारियों द्वारा केबिन का गेट बंद कराया गया। यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर कितनी शिथिलता बरती जा रही है।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
दिल्ली मेट्रो को देश की सबसे सुरक्षित और आधुनिक परिवहन प्रणालियों में से एक माना जाता है। लेकिन इस तरह की दिल्ली मेट्रो लापरवाही सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। ट्रेन के पिछले केबिन का खुला रहना केवल एक तकनीकी चूक नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी मानवीय भूल भी हो सकती है। सफर के दौरान केबिन का गेट खुला रहने से कोई भी असामाजिक तत्व केबिन के अंदर प्रवेश कर सकता था, जिससे ट्रेन के संचालन में बाधा आ सकती थी या कोई अप्रिय घटना घट सकती थी।
इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषकर येलो लाइन पर, जहां यात्रियों का भारी दबाव रहता है। इसी मार्ग पर स्थित जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नहीं दिया जा रहा है दिल्ली मेट्रो स्मार्ट कार्ड, बढ़ी यात्रियों की मुसीबत जैसी खबरें पहले ही यात्रियों को परेशान कर रही हैं, और अब इस तरह की सुरक्षा चूक ने उनके डर को और बढ़ा दिया है।
तकनीकी विकास बनाम सुरक्षा की अनदेखी
एक तरफ जहां दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो तंत्र को उन्नत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे कि हाल ही में नोएडा मेट्रो में NCMC, वॉट्सऐप टिकट सहित 4 नई सुविधाएं शुरू की गई हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली मेट्रो की बुनियादी सुरक्षा जांच में इतनी बड़ी लापरवाही सामने आना बेहद निराशाजनक है। सुरक्षा प्रणालियों को स्वचालित और फूलप्रूफ बनाने के दावों के बीच, चलती ट्रेन का गेट खुला रहना यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों के बावजूद मानवीय निगरानी की कमी बनी हुई है।