CM योगी बोले- 'हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास करने वाले इतिहास के पन्नों में मिट गये'
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 5 सितंबर 2026 | 10:56 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में मथुरा में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान Yogi Adityanath statement on faith and history देते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन संस्कृति और हमारी आस्था को मिटाने के प्रयास करने वाले लोग आज इतिहास के पन्नों में विलीन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म अंधकारमय परिस्थितियों में कारागार की काल कोठरी में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने निष्काम कर्म और दिव्य संदेशों से समाज को हमेशा प्रकाश का मार्ग दिखाया। देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक गलियारों में इस बयान की गूंज साफ सुनाई दे रही है, जिसे लेकर जातिगत गणित बनाम ‘योगी ब्रांड’, UP के चुनावी रण से जुड़ा यक्ष प्रश्न पर भी राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि कैसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुशासन का यह मॉडल प्रदेश की राजनीति को दिशा दे रहा है।
आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, आस्था नहीं - सीएम योगी
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता भले ही मंदिरों को ध्वस्त कर सकते हैं और मूर्तियों को खंडित कर सकते हैं, लेकिन वे देशवासियों के मन में बसी सनातन आस्था और शाश्वत मूल्यों को कभी आहत या नष्ट नहीं कर सकते। उन्होंने सोमनाथ मंदिर, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार का विशेष रूप से उल्लेख किया। यह वैचारिक दृढ़ता केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरीश द्विवेदी सीएम योगी मुलाकात: यूपी भाजपा संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर हुई बड़ी चर्चा जैसी महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों और प्रशासनिक बैठकों में भी पार्टी की भविष्य की नीतियों की रूपरेखा तय करती नजर आती है, जहां राज्य के चहुंमुखी विकास पर जोर दिया जा रहा है।
श्रीकृष्ण का संदेश और कर्मक्षेत्र की पहचान
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026 के भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में जब भी संशय या भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, तब श्रीमद्भागवत गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण का निष्काम कर्म का संदेश हर भारतवासी को सही मार्ग दिखाने का कार्य करता है। उन्होंने मथुरा, वृंदावन, गोकुल और बरसाना के निवासियों के प्रकृति प्रेम की भी सराहना की और कहा कि यहाँ के लोग पर्यावरण और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा रखते हैं। इसी प्रकार के सांस्कृतिक और वैचारिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विचार गोष्ठी में गूंजा सरदार पटेल का अमर संदेश: डॉ. महेश शर्मा बोले- 'लौह पुरुष की दृढ़ इच्छाशक्ति ही अखंड भारत की नींव' जैसे आयोजनों के माध्यम से देश की अखंडता और वैचारिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है, जो राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जनहित, सुशासन और प्रशासनिक प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल वैचारिक और सांस्कृतिक विषयों पर ही बल नहीं दिया, बल्कि धरातल पर आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सुशासन पर भी निरंतर कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यभर में जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए गोरखपुर: CM योगी का जनता दर्शन, अफसरों को सख्त निर्देश, गौशाला में की गौ सेवा जैसे नियमित आयोजनों के जरिए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए जाते हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दलों द्वारा उठाई जाने वाली राजनीतिक चुनौतियों और बयानों पर भी सरकार और सत्तारूढ़ दल पूरी मुस्तैदी से अपनी नीतियां जनता के सामने रखते हैं, जैसा कि 'रक्षाबंधन पर BJP की फ्री बस सेवा भी जुमला निकली', योगी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव जैसी राजनीतिक बहसों में देखा गया है, जहाँ योजना क्रियान्वयन को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने नजर आते हैं।
सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्रीय विजय यात्रा
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह केवल किसी एक सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करना है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता ही हमारा सबसे बड़ा संबल है, जिसे विभिन्न पर्वों और त्योहारों के माध्यम से और अधिक मजबूत किया जाता है। ठीक उसी भावना के तहत जैसे श्रद्धा, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है रक्षाबंधन- बोले CM योगी ने समाज में आपसी भाईचारे और आत्मीयता का संदेश दिया था। सीएम योगी ने आह्वान किया कि हमें अपने कर्तव्य पथ पर निष्काम भाव से आगे बढ़ते रहना चाहिए, क्योंकि जो लोग नकारात्मकता के साथ देश की आस्था को मिटाने चले थे, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए खो चुके हैं और भारत अपनी अजेय यात्रा के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।