बुराइयों के खिलाफ एकजुट हों और देशद्रोहियों को दें कड़ा सबक: विजयादशमी पर बोलीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 05:00 PM
नयी दिल्ली में मंगलवार को आयोजित एक भव्य विजयादशमी समारोह के दौरान रेखा गुप्ता दिल्ली मुख्यमंत्री ने समाज की तमाम बुराइयों के खिलाफ देशवासियों को एकजुट होने का कड़ा संदेश दिया है। द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित रामलीला एवं विजयादशमी महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतों और देशद्रोहियों को मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया है। इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित थीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस पर्व के उल्लास को और अधिक बढ़ा दिया।
विजयादशमी का पर्व और भगवान श्रीराम के आदर्श
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी का पावन पर्व केवल भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और न्याय की अधर्म, अन्याय तथा बुराई पर हमेशा रहने वाली जीत का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सदियों से यह पर्व हमें यह प्रेरणा देता रहा है कि अंततः जीत सत्य की ही होती है। इस संदर्भ में दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के 'रावण को राम' वाले बयान पर मचा घमासान जैसी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच भी मुख्यमंत्री का यह संदेश सांस्कृतिक और सामाजिक एकता पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम हमारे लिए केवल एक आराध्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण जीवन के सर्वोच्च आदर्श हैं, जिनका अनुसरण करके हम अपने समाज को बेहतर बना सकते हैं।
समाज की वर्तमान चुनौतियाँ और सुधार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्तमान समय की सामाजिक और नैतिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में अंधकार, अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या, भ्रष्टाचार, नशाखोरी, अपराध, सामाजिक भेदभाव, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और नफरत जैसी गंभीर बुराइयां हमारे मार्ग में बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं। इन तमाम चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने जनता से आह्वान किया कि देश के भविष्य को उज्ज्वल और सुरक्षित बनाने के लिए हमें नफरत की राजनीति और भावनाओं को समाप्त कर प्रेम का दीप जलाना होगा। इसके अलावा, रेखा गुप्ता का विपक्ष पर प्रहार पहले भी सुर्खियों में रहा है, जहाँ उन्होंने महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर विपक्ष को घेरा था।
आत्ममंथन और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बल देकर कहा कि विजयादशमी का यह पवित्र दिन केवल मेल-मिलाप का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने, अपने भीतर छिपी बुराइयों को पहचानने और उन्हें हमेशा के लिए समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति ने भी इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे ताकि राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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