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दिल्ली में अब बार-बार नहीं खुदेंगी सड़कें! रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, लागू होंगे नए नियम

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 5 सितंबर 2026 | 09:19 AM

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दिल्ली में अब बार-बार नहीं खुदेंगी सड़कें! रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, लागू होंगे नए नियम
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दिल्ली में बार-बार सड़कों के खुदने और यातायात बाधित होने की पुरानी समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से दिल्ली सड़क खुदाई नियम के तहत एक दूरगामी नीतिगत सुधार की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राजधानी के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 'मल्टी-यूटिलिटी डक्ट' (साझा भूमिगत गलियारा) प्रणाली के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब बिजली, पानी, गैस, फाइबर केबल और अग्निशमन नेटवर्क बिछाने या मरम्मत कार्य के लिए बार-बार सड़कों को खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हाल ही में दिल्ली बिजली बिल राहत नीति जैसे नागरिक केंद्रित फैसलों के बाद, रेखा गुप्ता सरकार का यह कदम भी राजधानी के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है।

कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय और मल्टी-यूटिलिटी डक्ट कॉरिडोर

राजधानी दिल्ली में अक्सर देखा जाता है कि एक विभाग द्वारा नई सड़क बनाए जाने के तुरंत बाद दूसरा विभाग पाइपलाइन या केबल बिछाने के नाम पर उसकी खुदाई शुरू कर देता है। इससे न केवल जनता के करों का करोड़ों रुपया बर्बाद होता है, बल्कि आम नागरिकों को भीषण ट्रैफिक जाम और प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। नए दिल्ली सड़क खुदाई नियम के माध्यम से सरकार ने इस अंतर-विभागीय समन्वय की कमी को खत्म करने का ठोस खाका तैयार किया है।

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, अब सड़कों के किनारे एक एकीकृत साझा भूमिगत कॉरिडोर (मल्टी-यूटिलिटी डक्ट) बनाया जाएगा। इस डक्ट में सभी प्रमुख नागरिक सुविधाओं—जैसे बिजली की लाइनें, दिल्ली जल बोर्ड की पाइपलाइनें, गैस नेटवर्क, इंटरनेट/टेलीकॉम केबल और फायर-हाइड्रेंट सिस्टम—के लिए अलग-अलग सेक्शन तय होंगे। किसी भी सर्विस लाइन में खराबी आने या नया कनेक्शन जोड़ने की स्थिति में इंजीनियर बिना सड़क खोदे सीधे डक्ट में प्रवेश कर काम पूरा कर सकेंगे।

चांदनी चौक से होगी शुरुआत: जानिए पायलट प्रोजेक्ट का पूरा ढांचा

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रयोग के तौर पर इसे ऐतिहासिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत व्यस्त क्षेत्र चांदनी चौक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट के मुख्य आंकड़े:

  • एस्प्लेनेड रोड: 310 मीटर लंबा मल्टी-यूटिलिटी डक्ट तैयार किया जाएगा।
  • मोर सराय रोड: 560 मीटर की दूरी में साझा कॉरिडोर का निर्माण होगा।

चांदनी चौक जैसे घनी आबादी और भारी पैदल आवाजाही वाले क्षेत्र में यह प्रयोग सफल रहने के बाद इसे पूरी दिल्ली में विस्तारित किया जाएगा। जिस तरह से जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की समस्याएं हल करने के लिए जमीनी प्रयास किए जा रहे हैं, उसी तरह चांदनी चौक में व्यापारिक और नागरिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए यह मॉडल मील का पत्थर साबित होगा।

तकनीकी समिति का गठन: PWD, DJB और डिस्कॉम के विशेषज्ञ शामिल

इस परियोजना के सुचारू और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), नगर निगम और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।

यह समिति डक्ट के डिजाइन, सुरक्षा और रखरखाव के मानकों का निर्धारण करेगी। साझा कॉरिडोर के भीतर आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी:

  • उचित वेंटिलेशन प्रणाली: डक्ट के अंदर जहरीली गैसों या गर्मी के जमाव को रोकने के लिए हवा की निर्बाध आवाजाही का इंतजाम।
  • अग्निशमन सुरक्षा: शॉर्ट सर्किट या किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वचालित फायर सेफ्टी सेंसर।
  • आसान मेंटेनेंस गेट: कर्मचारियों के आसानी से प्रवेश और निकास के लिए निश्चित दूरी पर मेंटेनेंस शाफ्ट बनाए जाएंगे।

जिस प्रकार नागरिक प्रशासन ने हाल के दिनों में प्रीत विहार पार्क में स्वच्छता अभियान चलाकर स्थानीय पर्यावरण को सुधारा है, उसी तरह भूमिगत बुनियादी ढांचे का यह व्यवस्थित प्रबंधन दिल्ली की सुंदरता और स्वच्छता में चार चांद लगाएगा। इसके अलावा, सामाजिक क्षेत्र में दिल्ली में ₹2500 वाली योजना के माध्यम से वित्तीय सशक्तिकरण के साथ-साथ ऐसा मजबूत बुनियादी ढांचा नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेगा।

नागरिकों और यातायात प्रबंधन पर दूरगामी प्रभाव

बार-बार होने वाली सड़क खुदाई न केवल यात्रियों का समय बर्बाद करती है बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है। बारिश के मौसम में खुदे हुए गड्ढे जानलेवा साबित होते हैं। नए दिल्ली सड़क खुदाई नियम और डक्ट कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

त्योहारों के मौसम में जब सड़कों पर दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, तब दुरुस्त सड़कें यातायात प्रवाह को बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती हैं। उदाहरण के तौर पर, जब रक्षाबंधन पर रेलवे की विशेष ट्रेनें यात्रा को आसान बनाती हैं, ठीक उसी तरह शहर के भीतर गड्ढा-मुक्त और चिकनी सड़कें दैनिक यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत करेंगी।

सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में पारदर्शिता हमेशा चर्चा का विषय रहती है; चाहे वह स्वरा भास्कर के बयान से उपजा विवाद हो या फिर सार्वजनिक सुविधाओं की बदहाली से जुड़े मुद्दे। जब सरकारें दीर्घकालिक और पारदर्शी नीतियां बनाती हैं, तो जनता का भरोसा मजबूत होता है।

निष्कर्ष: टिकाऊ और आधुनिक दिल्ली का संकल्प

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल तात्कालिक मरम्मत करना नहीं, बल्कि भविष्य की 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। नए दिल्ली सड़क खुदाई नियम और मल्टी-यूटिलिटी डक्ट परियोजना से दिल्ली न केवल अधिक सुरक्षित और स्वच्छ बनेगी, बल्कि बार-बार सड़क मरम्मत के नाम पर होने वाले सार्वजनिक धन के नुकसान पर भी पूरी तरह विराम लगेगा। चांदनी चौक का पायलट प्रोजेक्ट यदि अपेक्षाओं पर खरा उतरता है, तो यह संपूर्ण भारत के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी शहरी नियोजन का एक आदर्श मॉडल बन जाएगा।

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देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।