🇮🇳 भारत | शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 | 08:55 PM
देश की पत्रिका
ब्रेकिंग न्यूज़

दिल्ली के पालम में आग की लपटों ने ली 9 जिंदगियां

दिल्ली के पालम इलाके में एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। आग का संभावित कारण short circuit बताया जा रहा है। इमारत में fire safety नियमों के पालन की जांच जारी है। दिल्ली सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है।

देश की पत्रिका टीम
देश की पत्रिका टीम

केंद्रीय संपादकीय डेस्क • शुक्रवार, 20 मार्च 2026 | 05:16 AM

⏱️ 4 मिनट
दिल्ली के पालम में आग की लपटों ने ली 9 जिंदगियां
शेयर करें:

पालम की वो रात — जो नौ घरों को उजाड़ गई

दिल्ली के पालम इलाके में मंगलवार देर रात एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। जब तक लोग समझ पाते, तब तक आग की लपटें कई मंजिलों तक फैल चुकी थीं। नौ लोगों की मौत। इनमें से कई लोग नींद में थे। आग इतनी तेजी से फैली कि बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। कई लोगों को रेस्क्यू किया गया, कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं — यह जानकारी दिल दहला देने वाली है। पड़ोसी मोहम्मद इकबाल ने बताया, "रात को अचानक चीखने की आवाजें आईं। जब बाहर निकला तो पूरी बिल्डिंग धुएं में थी। लोग खिड़कियों से चिल्ला रहे थे।" आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, short circuit को संभावित वजह माना जा रहा है। लेकिन जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि बिल्डिंग में fire safety norms का पालन हुआ था या नहीं।

दिल्ली की इमारतें और वो पुराना सवाल

यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में इस तरह की आग में जानें गई हों। मुंडका, अनाज मंडी, करोल बाग — हर बार एक नई त्रासदी, हर बार वही सवाल: क्या इमारतों में fire safety के नियम सच में लागू हो रहे हैं? दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि पालम की यह इमारत काफी पुरानी थी और यहां fire exit की व्यवस्था नाकाफी थी। यह बात अपने आप में बहुत कुछ कह देती है। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है। Chief Minister ने घटना पर दुख जताया और जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन जो नौ जिंदगियां चली गईं, वो वापस नहीं आएंगी। और यह सवाल बना रहेगा — कब तक सरकारें सिर्फ मुआवजे देकर इस जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती रहेंगी?
देश की पत्रिका टीम

देश की पत्रिका की आधिकारिक संपादकीय एवं रिपोर्टिंग टीम।