🇮🇳 भारत | बुधवार, 2 सितंबर 2026 | 07:52 PM
देश की पत्रिका
ब्रेकिंग न्यूज़

जीतेंद्र मिश्र अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ नियुक्त, पद संभालते ही पूर्व एयर मार्शल ने दिया बड़ा बयान

Desh Ki Patrika Desk
Desh Ki Patrika Desk

संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • बुधवार, 2 सितंबर 2026 | 05:46 PM

⏱️ 12 मिनट 👁️ 5 व्यूज
जीतेंद्र मिश्र अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ नियुक्त, पद संभालते ही पूर्व एयर मार्शल ने दिया बड़ा बयान
शेयर करें:

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। जीतेंद्र मिश्र अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ के रूप में नियुक्त किए गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद सृजित कर इस पर भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र को नियुक्त किया है। यह निर्णय मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी के विवाद के बाद प्रशासनिक सुधारों के तहत लिया गया है। इस चोरी की घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं, जिसमें राम मंदिर दान चोरी मामले में मायावती की बड़ी मांग भी शामिल थी, जिन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की वकालत की थी।

ट्रस्ट का प्रशासनिक पुनर्गठन और नए सदस्यों का आगमन

चढ़ावे की चोरी के गंभीर आरोपों के बाद, 27 जून को ट्रस्ट के तत्कालीन महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। प्रशासनिक शून्यता को भरने के लिए कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया था। हाल ही में हुई बैठक के बाद कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ट्रस्ट के ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं।

इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को अब नया महामंत्री बनाया गया है, जबकि दिल्ली के महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, ट्रस्ट के बोर्ड में तीन नए चेहरों को शामिल किया गया है, जिनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडे, दिल्ली से महेश भागचंदका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में शासन और प्रशासन के स्तर पर हो रहे बदलावों के इस दौर में, जैसे यूपी में जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाने के निर्णय से प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, ठीक उसी प्रकार राम मंदिर ट्रस्ट ने भी अपने प्रबंधन को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।

कैसे हुआ जीतेंद्र मिश्र का चयन?

कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने बताया कि 1 अगस्त 2026 को सीईओ पद के लिए गठित विशेष चयन समिति ने ट्रस्ट के समक्ष तीन प्रतिष्ठित नाम रखे थे। इन तीनों व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में देश के लिए असाधारण सेवाएं दी हैं। चयन सूची में पहला नाम रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र का था, दूसरा नाम रिटायर्ड मेजर जनरल संजय पी विश्वासराव और तीसरा नाम श्रुति भारद्वाज का था। बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगाई गई।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले जीतेंद्र मिश्र ने अपनी योग्यता और कड़े परिश्रम के बल पर देश की सुरक्षा में सर्वोच्च मुकाम हासिल किया। जिस प्रकार देश के विभिन्न क्षेत्रों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं—जैसे हाल ही में बेंगलुरु के बड़े होटलों पर एफएसडीए की छापेमारी कर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई—उसी प्रकार राम मंदिर ट्रस्ट में भी अब एक उच्च सैन्य अधिकारी के हाथों में कमान सौंपकर शुचिता और कड़े अनुशासन की नींव रखी गई है।

एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र का गौरवशाली सैन्य सफरनामा

एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र का भारतीय वायु सेना में करियर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा है। वह इसी साल मई में पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AoC-in-C) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 1 जनवरी 2025 को इस महत्वपूर्ण कमान का कार्यभार संभाला था।

महत्वपूर्ण प्रशिक्षण और उड़ान का अनुभव

जीतेंद्र मिश्र 6 दिसंबर 1986 को एक लड़ाकू पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। उन्होंने देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों से सैन्य शिक्षा ग्रहण की है:

  • राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), पुणे
  • एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बेंगलुरु
  • एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अमेरिका
  • रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, यूनाइटेड किंगडम (UK)

वह एक कुशल फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को उड़ाने का 3,000 से अधिक घंटों का विशाल अनुभव है। अपने 38 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और स्टाफ पदों को संभाला। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' (AVSM) और 'विशिष्ट सेवा मेडल' (VSM) से नवाजा जा चुका है।

'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष में भूमिका

जीतेंद्र मिश्र के करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सैन्य संघर्ष था। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारतीय सेना और वायु सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। उस समय पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के रूप में जीतेंद्र मिश्र ने इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली थी। उनके इस अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल के लिए साल 2025 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' (SYSM) से सम्मानित किया गया था।

इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को साझा करते हुए उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया था कि हमले के तुरंत बाद उन्होंने वायु सेना प्रमुख को स्पष्ट कर दिया था कि सैन्य विकल्पों के लिए उनकी योजनाएं पूरी तरह तैयार हैं। भारतीय वायु सेना ने बिना किसी नागरिक क्षति के, सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त किया था।

सीईओ चुने जाने पर जीतेंद्र मिश्र की पहली प्रतिक्रिया

जीतेंद्र मिश्र अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ का पदभार संभालने की घोषणा के बाद अत्यंत भावुक और संकल्पित नजर आए। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा:

"मैं चयन समिति का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इसे अपना परम सौभाग्य और प्रभु श्री राम का आशीर्वाद मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस पावन कार्य के लिए चुना। भारतीय वायु सेना में 43 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा करने के बाद, अब मुझे साक्षात भगवान राम और उनके अनगिनत भक्तों की सेवा करने का यह पावन अवसर मिला है।"

जब उनसे मंदिर से जुड़े हालिया विवादों और चढ़ावे की चोरी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अत्यंत परिपक्वता के साथ उत्तर दिया, "मैं बीते हुए कल की बजाय आने वाले भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करूंगा। जो बीत गया उसे पीछे छोड़कर, अब हम सब मिलकर प्रभु राम की कृपा से पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ इस व्यवस्था को आगे बढ़ाएंगे।"

नया प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा

मंदिर प्रशासन में इस बड़े बदलाव का स्वागत अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं ने भी किया है। हालिया विवादों के बावजूद, अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार बरकरार है और सरकार ने भी सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर बड़े दावे किए हैं। नए सीईओ के आने से अब मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे के डिजिटल प्रबंधन और वीआईपी दर्शन की व्यवस्थाओं में बड़े और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेंगे।

जिस प्रकार विभिन्न संस्थाएं अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं का आयोजन करती हैं, ठीक उसी तरह अब राम मंदिर ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मियों और सेवादारों के लिए भी पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है, ताकि वे देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेवा पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी से कर सकें। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र की अगुवाई में राम मंदिर ट्रस्ट अब एक नए, आधुनिक और पारदर्शी युग में प्रवेश करने के लिए तैयार है।

Desh Ki Patrika Desk

देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।