अगर आप घरेलू LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं तो सरकार और तेल कंपनियों के नए नियम आपको सीधे प्रभावित करेंगे। बुकिंग का समय बढ़ा दिया गया है, डिलीवरी के लिए OTP अनिवार्य हो गया है और e-KYC न कराने पर कनेक्शन बंद होने का खतरा है।
LPG New Rules के तहत शहरी उपभोक्ताओं को अब दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए पहले की तरह 21 दिन नहीं, बल्कि पूरे 25 दिन का इंतजार करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सीमा बढ़कर 45 दिन हो गई है। PNG कनेक्शन वाले घरों को LPG सरेंडर करना होगा, अन्यथा 30 दिन में कनेक्शन रोक दिया जाएगा।
शहरों में अब 25 दिन और गांवों में 45 दिन बाद ही दूसरा LPG सिलेंडर बुक होगा — सरकार ने कालाबाजारी और फर्जी कनेक्शन रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं।
LPG New Rules: शहर में 25 दिन, गांव में 45 दिन — बुकिंग का नया नियम
सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की री-बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतराल बढ़ा दिया है। पहले शहरी उपभोक्ता 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और बदली है। वहां उपभोक्ताओं को दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए अब 45 दिन का इंतजार करना होगा। यह बदलाव गैस की खपत को तर्कसंगत बनाने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
| क्षेत्र | पुरानी सीमा | नई सीमा |
|---|---|---|
| शहरी क्षेत्र | 21 दिन | 25 दिन |
| ग्रामीण क्षेत्र | — | 45 दिन |
| PNG कनेक्शन वाले घर | — | 30 दिन में LPG सरेंडर अनिवार्य |
OTP के बिना नहीं होगी डिलीवरी — LPG New Rules का अहम बदलाव
नए नियमों के तहत गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब OTP आधारित हो गई है। जब भी डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर आएगा, उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। उस OTP को देने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी।
यह कदम फर्जी डिलीवरी की समस्या पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था से सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
PNG है तो LPG सरेंडर करें — वरना कट जाएगा कनेक्शन
सरकार ‘एक घर, एक कनेक्शन’ की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG का कनेक्शन लग चुका है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है — यदि कोई उपभोक्ता 30 दिन के भीतर LPG सिलेंडर जमा नहीं करता, तो उसका गैस कनेक्शन स्वतः रोक दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाद में जरूरत पड़ने पर LPG कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक e-KYC नहीं कराई है, उनका कनेक्शन भी बंद हो सकता है। खासतौर पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य है। यह प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सब्सिडी और गैस आपूर्ति दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार ने LPG New Rules क्यों लागू किए — क्या है असली वजह?
सरकार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ा था। नए नियम लागू करने के पीछे कई उद्देश्य बताए गए हैं — गैस की कालाबाजारी रोकना, फर्जी कनेक्शन समाप्त करना, सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना और आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना।
इन LPG New Rules का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो पहले से ज्यादा सिलेंडर बुक करते थे या जिनके घरों में PNG लग चुका है लेकिन LPG भी जारी है। सरकार की मंशा है कि गैस संसाधनों का न्यायसंगत वितरण हो और कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे।
LPG New Rules के तहत अब हर उपभोक्ता को सतर्क रहना होगा। अपनी e-KYC समय पर पूरी करें, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें और PNG कनेक्शन होने पर LPG सरेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी करें। एक छोटी-सी लापरवाही से गैस कनेक्शन बंद होने का खतरा वास्तविक है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आधिकारिक पत्र और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
