नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ हुए संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक विरोध मार्च निकाला। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता इस प्रदर्शन में शामिल रहे।
सोमवार को हुए संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से छात्रों पर की गई कथित लाठीचार्ज के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस पार्टी ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठकर ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘नरेंद्र मोदी डाउन-डाउन’ और ‘जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’ के नारे लगाते रहे।
धरने में कौन-कौन नेता रहे शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस प्रदर्शन में शरीक हुए।
इनके अलावा पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरपर्सन चरणजीत सिंह चन्नी, रणदीप सुरजेवाला और पवन खेड़ा समेत कई अन्य सांसद और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। केसी वेणुगोपाल लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के बाहर जमीन पर लेटकर अपना विरोध जताते नजर आए।
सोमवार के मार्च में क्या हुआ था
सोमवार 20 जुलाई को नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ आयोजित संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। इसी घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को यह विरोध मार्च आयोजित किया।
पार्टी का आरोप है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। इस पर दिल्ली पुलिस या केंद्र सरकार की तरफ से संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं के बीच दोपहर में यह चर्चा हुई थी कि संसद भवन से मार्च निकालकर प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा जाएगा।
जब दिल्ली पुलिस को इस योजना की जानकारी मिली, तो सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया गया। फिलहाल स्थिति पर प्रशासन की करीबी नजर बनी हुई है और आगे किसी बड़े घटनाक्रम की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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