सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर अनशन तोड़ा।
वांगचुक ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।
सोनम वांगचुक ने कहा, “इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा।”
सरकार की तरफ से क्या आश्वासन मिले
अस्पताल में सोनम वांगचुक और केंद्रीय मंत्रियों के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जेपी नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल रहे लोगों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जुलाई के पार्लियामेंट मार्च में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर भी कार्रवाई नहीं होगी।
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि सरकार संसद में नीट पेपर लीक को लेकर चर्चा के लिए तैयार है, और आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के लिए मुआवजे को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है। इन्हीं आश्वासनों के बाद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
वांगचुक बोले- सरकार के आश्वासनों से संतुष्ट हूं
जेपी नड्डा की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पीड़ितों के प्रति सरकार के रुख की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से मिले आश्वासनों से वे संतुष्ट हैं और प्रदर्शन में शामिल छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भी वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दिनचर्या अपनाने और जल्द स्वस्थ होने की अपील की।
अभिजीत दीपके बोले- आंदोलन जारी रहेगा
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनशन खत्म होने के बाद एक वीडियो जारी कर कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने वांगचुक के 26 दिनों के त्याग को असाधारण साहस बताते हुए धन्यवाद दिया।
वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि आंदोलन के मूल मुद्दों पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है, यह देखना बाकी है।
अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं और जंतर-मंतर पर सुरक्षा
दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने वांगचुक के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश के बाद वांगचुक ने अनशन खत्म कर सरकार की संवेदनशीलता पर भरोसा जताया है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही की दिशा में पहला कदम होगा, लेकिन यह कदम बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था।
इस बीच जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी और डीसीपी रैंक के अधिकारी लगातार फुट पेट्रोलिंग कर रहे हैं, जबकि 1.5 किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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