🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
अखंड राजपूताना सेवा संघ का हर घर तिरंगा आवाहनयोगी सरकार में तकनीक से जुड़ेगा भविष्य, 5 सर्वोदय स्कूलों में शुरू हुई स्मार्ट क्लासश्रीदेवी ने ठुकरा दी थी 9 हजार करोड़ कमाने वाली हॉलीवुड फिल्म, 4 साल की उम्र में किया था डेब्यूसतर्कता: महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत, डॉ. विमला बंसल की अपीलकेराकत विधानसभा क्षेत्र के बजरंगनगर मंडल में निकली ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलिकमांडो सुरेंद्र सिंह ने क्षेत्रवासियों से हर घर तिरंगा फहराने की अपील कीचकिया में 9.60 करोड़ से बनेगा विज्ञान संकाय भवन, नोएडा विधायक पंकज सिंह ने किया शिलान्यास‘अमित शाह तैयार, राहुल भागना नहीं…’, CM योगी ने क्यों कहा ऐसा?
Friday, 14 Aug 2026

छठ पूजा 2025: 36 घंटे का अखंड उपवास शुरू, आज संध्या अर्घ्य, दिल्ली से बिहार तक सूर्यदेव को नमन

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025। लोक आस्था का महापर्व छठ अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। रविवार को खरना के साथ व्रतियों ने 36 घंटे के कठोर अखंड उपवास की शुरुआत की, जो मंगलवार सुबह उषा अर्घ्य के साथ पूरा होगा। आज, 27 अक्टूबर को, व्रती शाम 5:40 बजे डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित करेंगे। दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और देशभर में छठ की धूम है, यमुना घाटों से लेकर मंडियों तक तैयारियां जोरों पर हैं।

संध्या अर्घ्य: सूर्यदेव की आराधना का खास दिन

छठ पूजा का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। आज व्रती नदी, तालाब या जलाशयों में कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे। वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्यास्त का समय शाम 5:40 बजे है। दिल्ली में यमुना के आईटीओ घाट सहित अन्य स्थानों पर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जैसे साफ-सफाई, सुरक्षा और लाइटिंग। बिहार और यूपी के गंगा घाटों पर भी लाखों श्रद्धालु जुट रहे हैं। व्रती ठेकुआ, केला और नारियल जैसे प्रसाद के साथ सूर्यदेव को नमन करेंगे।

खरना: शुद्धता और प्रसाद की परंपरा

रविवार को खरना के दिन व्रतियों ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखा। सूर्यास्त के बाद गुड़, दूध और चावल की खीर, देसी घी की रोटी और अन्य प्रसाद तैयार कर छठी मइया और सूर्यदेव को अर्पित किया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों ने परिवार और शुभचिंतकों में इसे बांटा, जिसके बाद 36 घंटे का अखंड उपवास शुरू हुआ। व्रतियों ने बताया कि पवित्रता और शुद्धता इस व्रत का मूल है, और हर अनुष्ठान में इसका खास ध्यान रखा जाता है।

मंडियां सजीं, खरीदारी में उमड़ा उत्साह

छठ पूजा के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर की मंडियां फलों और पूजा सामग्री से सज गई हैं। गन्ना, सेब, संतरा, मूली, सिंघाड़ा, गलगल नींबू और हल्दी पत्ते की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। छोटा नारियल ₹25 से ₹50 तक बिका, जबकि गन्ना ₹20-30 में उपलब्ध रहा। रात को ही मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गन्ना पहुंचाया गया। व्रतियों का कहना है कि अब पहले की तरह सामान जुटाने में मशक्कत नहीं होती। प्रशासन की व्यवस्थाओं ने खरीदारी को आसान बना दिया है, और छोटे से छोटा सामान भी बाजार में मिल रहा है।

छठ की तैयारियां: दिल्ली से बिहार तक

दिल्ली में यमुना घाटों पर छठ के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और यूपी के वाराणसी, गोरखपुर जैसे शहरों में घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अस्थायी जलाशयों की व्यवस्था की है। व्रतियों का कहना है कि यह पर्व न सिर्फ आध्यात्मिक है, बल्कि सामुदायिक एकता को भी मजबूत करता है।

क्या है खास?

  • 36 घंटे का उपवास: खरना के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत मंगलवार सुबह उषा अर्घ्य के साथ खत्म होगा।
  • संध्या अर्घ्य: आज शाम 5:40 बजे सूर्यदेव को जल और प्रसाद अर्पित।
  • बाजारों में रौनक: गन्ना, नारियल, ठेकुआ जैसे प्रसाद की खरीदारी में जोश।
  • प्रशासनिक तैयारी: यमुना घाटों पर सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम।

छठ का यह महापर्व भक्ति और प्रकृति के संगम का प्रतीक है। आप इस बार छठ कैसे मना रहे हैं? कमेंट में शेयर करें!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *