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सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार: RSS की जड़ें, तमिलनाडु की सियासत

सॉफ्ट-स्पोकन, गैर-विवादास्पद नेता की नई उड़ान नई दिल्ली, 18 अगस्त 2025: BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने महाराष्ट्र के गवर्नर चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन (सीपी राधाकृष्णन)...

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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • सोमवार, 18 अगस्त 2025 | 09:24 AM

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सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार: RSS की जड़ें, तमिलनाडु की सियासत
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सॉफ्ट-स्पोकन, गैर-विवादास्पद नेता की नई उड़ान

नई दिल्ली, 18 अगस्त 2025: BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने महाराष्ट्र के गवर्नर चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन (सीपी राधाकृष्णन) को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया। 68 वर्षीय राधाकृष्णन, जो तमिलनाडु से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं, अपनी सॉफ्ट-स्पोकन और गैर-विवादास्पद छवि के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से उनकी गहरी जड़ें और तमिलनाडु में 2026 के चुनावों से पहले BJP की रणनीति ने उनकी उम्मीदवारी को खास बनाया।

RSS से शुरूआत, सिद्धिविनायक मंदिर में आशीर्वाद

राधाकृष्णन ने 16 साल की उम्र में RSS स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन शुरू किया। 1974 में वे तमिलनाडु में भारतीय जनसंघ के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर बने। रविवार दोपहर को उम्मीदवारी की सूचना मिलने के बाद उन्होंने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में आशीर्वाद लिया। उनकी सादगी और सभी दलों से दोस्ताना रिश्तों ने उन्हें “कोयंबटूर का वाजपेयी” का खिताब दिलाया। @AmalJos95950131 ने X पर लिखा, “सीपी राधाकृष्णन RSS और BJP का उत्पाद हैं, उनकी मातृभाषा तमिल है।”

सियासी सफर: कोयंबटूर से दिल्ली तक

तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री ली। 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए, जो तमिलनाडु में BJP की बड़ी जीत थी। 2004-2007 तक वे तमिलनाडु BJP के अध्यक्ष रहे और 93 दिन की 19,000 किमी की रथ यात्रा निकाली, जिसमें नदियों को जोड़ने और आतंकवाद के खिलाफ मुद्दे उठाए। 2016-2020 तक कोयर बोर्ड के चेयरमैन के रूप में उन्होंने रिकॉर्ड 2,532 करोड़ का निर्यात हासिल किया।

गवर्नर से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तक

राधाकृष्णन फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के गवर्नर रहे, जहां उन्होंने आदिवासी मुद्दों पर JMM सरकार से टकराव किया, लेकिन उनकी छवि विवादास्पद नहीं रही। जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के गवर्नर हैं। उनकी उम्मीदवारी को तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनावों से पहले BJP की दक्षिण भारत रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उनकी OBC गौंडर-कोंगु वेल्ललार समुदाय से होने की वजह से यह कदम गठबंधन सहयोगी AIADMK को मजबूत करेगा।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

राधाकृष्णन की साफ छवि और सभी दलों से दोस्ती की सराहना हो रही है। @sardesairajdeep ने X पर लिखा, “NDA का तमिलनाडु से उम्मीदवार चुनना 2026 चुनावों से पहले प्रतीकात्मक है।” BJP नेताओं ने उन्हें “उपयुक्त विकल्प” बताया। हालांकि, तमिलनाडु में कन्नमलाई के उभार से पुराने और नए नेतृत्व में तनाव की बातें भी सामने आईं। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा, और NDA के 132 सांसदों के समर्थन से उनकी जीत पक्की मानी जा रही है।

आगे क्या?

राधाकृष्णन की उम्मीदवारी तमिलनाडु में BJP की पकड़ मजबूत करने की रणनीति है। उनकी RSS पृष्ठभूमि, साफ छवि और संयमित व्यवहार उन्हें राज्यसभा के चेयरमैन के रूप में मजबूत बनाएंगे। क्या वे दक्षिण भारत में BJP का चेहरा बन पाएंगे? 2026 का जवाब देगा।

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देश की पत्रिका की आधिकारिक संपादकीय एवं रिपोर्टिंग टीम।