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दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना: CM रेखा गुप्ता ने 20 लाख लोगों को दी पक्के मकान की सौगात, जानें पूरी नीति

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | 11:51 AM

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दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना: CM रेखा गुप्ता ने 20 लाख लोगों को दी पक्के मकान की सौगात, जानें पूरी नीति
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चर्चा की तात्कालिक वजह: सीएम रेखा गुप्ता ने फाइल पर किए हस्ताक्षर

Image Credit: The Indian Express

राजधानी दिल्ली में रहने वाले लाखों गरीब और मेहनतकश परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली स्लम एंड झुग्गी झोपड़ी रिलोकेशन एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2026 को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। सरकार के इस कदम से करीब 4 से 5 लाख परिवारों यानी लगभग 20 लाख लोगों के जीवन में नया उजाला आने वाला है। बरसों से कच्चे मकानों और टूटी-फूटी झोपड़ियों में रह रहे लोगों को अब 'जहां झुग्गी, वहां मकान' नीति के तहत 1-BHK का सुंदर और पक्का आशियाना मिलेगा।


दिल्ली सरकार ने इस बार झुग्गीवासियों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीति को अधिसूचित करते हुए स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2025 से पहले अस्तित्व में आई झुग्गियों को योजना के तहत पूरा लाभ दिया जाएगा। नई दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना की सबसे खास बात यह है कि जो परिवार पुरानी नीतियों के दायरे में आने से छूट गए थे, उन्हें भी इस बार पुनर्वास व्यवस्था में शामिल होने का अवसर दिया गया है।

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राजधानी में रोजमर्रा की बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बदलते दामों के बीच गरीब परिवारों के लिए अपना पक्का घर बनाना एक अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन अब सरकार ने पक्के घर के साथ-साथ बेहतर सामाजिक माहौल देने का भी पक्का संकल्प लिया है।

दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना: क्या है पूरी तस्वीर और मुख्य नियम?

इस नई पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों के रोजगार और बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित किए बिना उन्हें नया घर देना है। सरकार की पहली प्राथमिकता यथास्थान पुनर्वास (इन-सीटू रिहैबिलिटेशन) की होगी। इसका मतलब यह है कि लोगों को उनकी मौजूदा झुग्गी वाली जगह पर ही या फिर उसके 3 किलोमीटर के दायरे में ही पक्का मकान दिया जाएगा। इससे लोगों को काम पर जाने या बच्चों को स्कूल भेजने में कोई परेशानी नहीं होगी।

तकनीकी और कानूनी विश्लेषण: योजना के प्रमुख प्रावधान

  • 1-BHK पक्का मकान: हर पात्र परिवार को एक बेडरूम, हॉल, बालकनी और किचन वाला 1-BHK पक्का फ्लैट मिलेगा।
  • कट-ऑफ तारीख: 1 जनवरी 2025 से पहले बसी सभी झुग्गियों के पात्र परिवारों को इस नीति के तहत कवर किया जाएगा।
  • स्वतंत्र मंजिलों के लिए राहत: यदि एक ही झुग्गी की अलग-अलग मंजिलों पर अलग-अलग परिवार स्वतंत्र रूप से रह रहे हैं और वे अपनी पात्रता से जुड़े दस्तावेज जमा करते हैं, तो उन्हें अलग मकान देने पर विचार होगा।
  • दिव्यांगजनों को प्राथमिकता: दिव्यांग जन वाले पात्र परिवारों को सीढ़ियों की समस्या से बचाने के लिए भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर मकान आवंटित किया जाएगा।
  • पति-पत्नी का संयुक्त स्वामित्व: मकान का आवंटन पति और पत्नी दोनों के नाम से संयुक्त रूप से होगा, जिससे भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।
  • 5 साल तक फ्री रखरखाव: आवंटन के बाद शुरुआती 5 वर्षों तक आवासीय परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और साझा सेवाओं का रखरखाव डेवलपर या सरकार करेगी। इसके बाद यह जिम्मेदारी लाभार्थी एसोसिएशन को सौंपी जाएगी।
  • कंप्यूटरीकृत लॉटरी और GIS सिस्टम: आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल लॉटरी और जीआईएस आधारित निगरानी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इससे गड़बड़ी और दोहरे आवंटन की संभावना खत्म हो जाएगी।
  • अस्थाई रहने की व्यवस्था: पीपीपी मॉडल पर निर्माण कार्य चलने के दौरान प्रभावित परिवारों को रहने के लिए किराए का मकान या आर्थिक मदद दी जाएगी।

पक्ष-विपक्ष की तुलना: पुरानी योजनाओं से कितनी अलग है यह नई नीति?

पुराने समय में जब झुग्गियों को हटाया जाता था, तो लोगों को शहर से बहुत दूर भेज दिया जाता था। इससे उनके रोजगार और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ता था। लेकिन नई दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना में मानवीय संवेदनाओं और आर्थिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

जहां एक तरफ पहले की योजनाओं में कागजी जटिलता के कारण हजारों परिवार छूट जाते थे, वहीं इस बार 1 जनवरी 2025 की स्पष्ट समय सीमा तय करके सभी गरीबों को सुरक्षा कवच दिया गया है। जैसे युवाओं को सरकारी नौकरियों में सहूलियत देने के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू की गई है, ठीक उसी तरह इस नीति में भी जीआईएस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एक बार में ही पारदर्शी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रिहाइशी परिसरों को हरा-भरा बनाने के लिए विशेष पौधरोपण अभियान की तर्ज पर पार्क और खेल के मैदान भी तैयार किए जाएंगे।

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आम नागरिक और झुग्गीवासियों पर इसका सीधा असर

यह नीति सिर्फ ईंट-पत्थर का मकान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के लाखों परिवारों की गरिमा की रक्षा करती है। आवासीय परिसरों के साथ ही स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और बच्चों के खेलने के लिए पार्क बनाए जाएंगे। इससे झुग्गी-झोपड़ियों में पल रहे बच्चों को भी स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में बढ़ने का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली के निर्माण और विकास में अपना पसीना बहाने वाले हर मजदूर और गरीब का यह हक है कि वह सम्मानपूर्वक जीवन जिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण और अंत्योदय के विजन से प्रेरित होकर बनाई गई दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना पूरी राजधानी का सामाजिक और आर्थिक नक्शा बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए किसी भी पात्र परिवार की झुग्गी नहीं हटाई जाएगी, जिससे गरीबों का अनिश्चितता भरा डर हमेशा के लिए खत्म हो गया है।

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