🇮🇳 भारत | गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 06:43 PM
देश की पत्रिका
ब्रेकिंग न्यूज़
up 🔴 ब्रेकिंग

योगी आदित्यनाथ का बड़ा एलान: यूपी पुलिस को मिलेंगे बढ़े हुए भत्ते; PPS अधिकारियों को 15000 वर्दी भत्ता

MP Singh
MP Singh

संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 10:07 AM

⏱️ 4 मिनट पढ़ें
योगी आदित्यनाथ का बड़ा एलान: यूपी पुलिस को मिलेंगे बढ़े हुए भत्ते; PPS अधिकारियों को 15000 वर्दी भत्ता
शेयर करें:

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भत्ता और वर्दी भत्ता बढ़ोतरी का ऐतिहासिक एलान किया है। बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्तों में महत्वपूर्ण वृद्धि किए जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने पुलिसर्किमयों के परिवारों और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसकी गूंज पूरे राज्य के प्रशासनिक हलकों में सुनाई दे रही है।

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी की बड़ी घोषणाएं

राजधानी लखनऊ में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बल के जवानों और अधिकारियों के लिए कई कल्याणकारी घोषणाएं कीं। फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही, प्रांतीय पुलिस सेवा यानी पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर सीधे 15,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इन घोषणाओं से पुलिस महकमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अक्सर राज्य में होने वाले जन कल्याणकारी कार्यों का जिक्र करते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर भी बात की, ठीक उसी प्रकार जैसे जनता दर्शन में सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश, कहा- जन कल्याण सरकार का संकल्प के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया जाता है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला और कानून-व्यवस्था में सुधार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में 815 दंगे हुए थे। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की वीभत्स घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को अपने प्राण गंवाने पड़े थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस दौर में पुलिस को अपराधियों पर सख्ती बरतने के बजाय सत्ता से जुड़े लोगों के निजी कामों में उलझाकर रखा जाता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब कोई ईमानदार थानेदार या एसपी किसी अपराधी के खिलाफ कदम उठाता था, तो सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कुछ ही घंटों में अपराधी के स्थान पर अधिकारी के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाती थी। राजनीतिक गलियारों में इस तरह के बयानों को लेकर चल रही चर्चाओं को आप यूपी में 'चैलेंज पॉलिटिक्स'... योगी बनाम अखिलेश, जानिए किसकी चुनौती से किसका गेम बिगड़ेगा के संदर्भ में भी समझ सकते हैं, जहां दोनों दलों के बीच बयानबाजी चरम पर है।

अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति और शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पुलिस के हाथों से राजनीतिक बेड़ियां पूरी तरह तोड़ दी गईं। इसके बाद से राज्य में अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाई गई, जिसके परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष के दौरान देश भर में 154 पुलिसकर्मी कर्तव्यपालन के दौरान बलिदान हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के छह जवान भी शामिल हैं। शहीदों के आश्रितों को अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर की जा रही कार्रवाई का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है, जिसे अतीक अहमद की जमीन पर बनेंगे 602 फ्लैट, कल शिलान्यास करेंगे CM योगी जैसी पहलों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंदों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस की प्राथमिकता और भविष्य की रूपरेखा

संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, महिलाओं का सम्मान बढ़ाना और व्यापारियों को भयमुक्त माहौल देना भी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले लोग अक्सर माफिया और आतंकवादियों के समर्थन में खड़े नजर आते हैं, लेकिन जब कोई पुलिसकर्मी शहीद होता है, तब उनके परिवारों का दर्द इन लोगों को दिखाई नहीं देता। सरकार की इन नीतियों और पुलिस कल्याण के कदमों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस बल और अधिक ऊर्जा और संसाधनों के साथ कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

MP Singh

देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।