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Saturday, 25 Jul 2026

12 साल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा, धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद

सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म किया, जबकि CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देते हुए, जंतर मंतर प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में

 

नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हजारों छात्र और युवा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस घटनाक्रम ने उन बड़े आंदोलनों की भी याद दिला दी है, जब सरकार लंबे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद अपने किसी केंद्रीय मंत्री को हटाने के लिए तैयार नहीं हुई थी।

2014 में नरेंद्र मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक कई बड़े राजनीतिक विवाद और जन आंदोलन हुए, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल का पहला मंत्रीस्तरीय इस्तीफा माना जा रहा है।

एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा था आंदोलन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक, परीक्षा सुधार और जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। इसी क्रम में सोमवार 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज ने आंदोलन को और तेज कर दिया था, जिसके बाद स्थिति लगातार गंभीर होती गई।

CAA और किसान आंदोलन में भी नहीं झुकी थी सरकार

इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में लंबे समय तक प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली के शाहीन बाग समेत कई राज्यों में महीनों तक आंदोलन चला, लेकिन केंद्र सरकार ने न तो कानून वापस लिया और न ही किसी केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा हुआ।

इसी तरह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन भी देश के सबसे लंबे आंदोलनों में शामिल रहा। करीब एक वर्ष तक दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे रहे, और आखिरकार सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया, लेकिन उस दौरान भी किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया था।

परीक्षा सुधार पर सरकार की अगली तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, सरकार सोमवार को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर और कड़े प्रावधान लागू करना है।

इसी बीच सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनुचित साधनों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को कामकाज शुरू कर दिया। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में इस अदालत का कार्यभार संभाला है।

NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने की संभावना

सूत्रों के अनुसार, NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों से जुड़े मुकदमे की सुनवाई भी इसी नई फास्ट ट्रैक अदालत में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। इससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद बढ़ी है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नए कानून की तैयारी के बीच अब यह देखना अहम होगा कि सरकार की अगली कार्रवाई से आंदोलनकारियों को कितनी राहत मिलती है और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स

संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।