संक्षेप में: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात की, जो संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि भी हैं। इस बैठक में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जन धन योजना और वित्तीय समावेशन में हुई प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से भेंट की। महारानी मैक्सिमा इस समय संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (UNSGSA) के रूप में भारत दौरे पर हैं। इस मुलाकात में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और वित्तीय समावेशन की दिशा में देश की उपलब्धियों पर विस्तार से बातचीत हुई।
पीएम मोदी और रानी मैक्सिमा की मुलाकात में क्या हुई बात?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि महारानी मैक्सिमा लंबे समय से वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन की प्रबल समर्थक रही हैं। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि किस प्रकार भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आम नागरिकों तक वित्तीय सेवाएं आसानी से और किफायती दरों पर पहुंचा रहा है।
“नीदरलैंड्स की महामहिम रानी मैक्सिमा से मिलकर खुशी हुई। वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (यूएनएसजीएसए) भी हैं और लंबे समय से दुनिया भर में वित्तीय समावेशन की समर्थक रही हैं।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत में ‘जीवन को आसान बनाने’ (Ease of Living) का लक्ष्य तेजी से हासिल हो रहा है और इस मॉडल को साझेदार देशों के साथ बांटने के लिए भारत हमेशा तैयार है।
जन धन योजना और डिजिटल पेमेंट पर रानी मैक्सिमा ने जाना भारत का अनुभव
अपने भारत दौरे के दौरान महारानी मैक्सिमा ने विभिन्न पृष्ठभूमियों के नागरिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने जन धन योजना के लाभार्थियों से मिलकर उनके वित्तीय अनुभव और समस्याओं को समझा। प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) एक सरकारी पहल है, जिसके तहत देश के करोड़ों लोगों को सस्ती और सुलभ बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया है।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| महारानी का पद (UN) | यूएनएसजीएसए – वित्तीय स्वास्थ्य की विशेष प्रतिनिधि |
| दौरे का उद्देश्य | भारत के DPI मॉडल और वित्तीय समावेशन से सीखना |
| प्रमुख चर्चा विषय | जन धन योजना, डिजिटल पेमेंट, Ease of Living |
| स्वागत किसने किया | विदेश मंत्रालय (MEA), भारत सरकार |
| पिछली मुलाकात | पीएम मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान |
UNSGSA ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इन नागरिकों से हुई बातचीत उनकी आगामी बैठकों में बेहद उपयोगी साबित होगी, जिनमें वे निजी और सरकारी क्षेत्र के नेताओं से चर्चा करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने किया स्वागत, साझा प्रतिबद्धता का दिया संदेश
बुधवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने महारानी मैक्सिमा का औपचारिक स्वागत किया। मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा कि महारानी का यह दौरा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। साथ ही यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव को समावेशी और टिकाऊ विकास के लिए वैश्विक स्तर पर साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह दौरा इस लिहाज से भी खास है क्योंकि पिछले महीने पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान महारानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से मुलाकात की थी। उस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने महारानी को राजस्थान की प्रसिद्ध मीनाकारी और कुंदन कला से तैयार झुमके भेंट किए थे — जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं।
भारत का DPI मॉडल: दुनिया के लिए एक मिसाल
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर — जिसमें आधार, UPI और जन धन शामिल हैं — आज वैश्विक चर्चा का केंद्र बन चुका है। यह मॉडल न केवल वित्तीय सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित करता है। महारानी मैक्सिमा का यह दौरा इस बात की पुष्टि करता है कि भारत का यह अनुभव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अनुकरणीय है।
पीएम मोदी ने रानी मैक्सिमा से मुलाकात के बाद एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभवों को साझेदार देशों के साथ खुलकर साझा करने को तैयार है — क्योंकि वित्तीय समावेशन की यह यात्रा सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरत है।
लेखक परिचय
लेखक: Nakul Devarshi
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।
