मुगलसराय सीट से भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह की मिशन 2027 के लिए प्रबल दावेदारी
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में 380-मुगलसराय सीट से भाजपा जनपद चंदौली के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह का नाम कार्यकर्ताओं के बीच तेजी से चर्चा में है।
राणा प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। स्थानीय संगठन में उनकी सक्रियता और जनसंपर्क को देखते हुए कार्यकर्ता उन्हें मुगलसराय सीट के लिए एक मजबूत दावेदार मान रहे हैं।
मुगलसराय 380 विधानसभा क्षेत्र को अपना परिवार बताते हुए राणा प्रताप सिंह लगातार बूथ स्तर पर सक्रिय हैं और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी दावेदारी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
जमीनी सक्रियता और संगठन में मजबूत पकड़
स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार राणा प्रताप सिंह लंबे समय से मुगलसराय 380 क्षेत्र में सक्रिय हैं और लगातार जनसंपर्क तथा बूथ सम्मेलनों में हिस्सा लेते रहे हैं। संगठन के भीतर उनकी पकड़ को कार्यकर्ता मजबूत मानते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा आगामी चुनाव में जमीनी स्तर पर सक्रिय और मुखर चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है, ऐसे में राणा प्रताप सिंह का नाम इस सूची में प्रमुखता से लिया जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाओं पर सक्रियता और शीर्ष नेतृत्व से जुड़ाव
राणा प्रताप सिंह केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना और राज्य सरकार की मिशन शक्ति जैसी योजनाओं को क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, ऐसा स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठकों के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात को भी क्षेत्र में उनकी सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मुलाकात में चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई बताई जा रही है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, मिशन 2027 की तैयारी
क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि राणा प्रताप सिंह केवल चुनाव के समय ही सक्रिय होने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वह जनता के बीच नियमित रूप से मौजूद रहते हैं। युवाओं और कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बूथ स्तर पर काम करना उनकी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
पार्टी की ओर से मुगलसराय 380 सीट के लिए अभी तक कोई आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। भाजपा आलाकमान के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टिकट किसे मिलता है।

