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Friday, 28 Aug 2026

दिल्ली में श्रमिक सम्मान समारोह: सीएम रेखा गुप्ता ने 1000 श्रमिकों को दी सुरक्षा किट, कौशल विकास अभियान भी शुरू

सीएम रेखा गुप्ता ने श्रमिक सम्मान समारोह में 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट और 100 बच्चों को शिक्षा किट दी, साथ ही कौशल विकास अभियान भी शुरू किया।

दिल्ली श्रमिक सम्मान समारोह में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

दिल्ली में हजारों निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए श्रमिक सम्मान समारोह एक बड़ी सौगात लेकर आया। कार्यक्रम में 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट दी गई, जबकि श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों को शिक्षा किट प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद इस समारोह में शामिल हुईं और कर्मयोगी साथियों को नमन करने का अवसर मिलने पर संतोष जताया। इसी मौके पर सरकार ने हर साल 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षित करने वाले बड़े स्तर के कौशल विकास अभियान का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज श्रमिक सम्मान समारोह में सम्मिलित होकर कर्मयोगी साथियों को नमन करने का अवसर मिला।

समारोह में श्रमिकों को क्या-क्या मिला

श्रमिक सम्मान समारोह में सबसे पहले 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट सौंपी गई, जिसका मकसद उन्हें निर्माण स्थलों पर काम के दौरान बेहतर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों को शिक्षा किट भी दी गई।

सरकार का कहना है कि यह पहल श्रमिकों और उनके परिवारों दोनों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई है। सुरक्षा किट और शिक्षा किट के जरिए एक साथ कामगारों की सुरक्षा और उनके बच्चों की पढ़ाई, दोनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

हर साल 35 हजार श्रमिकों को मिलेगा प्रशिक्षण

समारोह के दौरान एक बड़े कौशल विकास अभियान की शुरुआत भी की गई, जिसके तहत हर वर्ष 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को नए कौशल सिखाकर उनकी कमाई क्षमता बढ़ाना है।

गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से श्रमिकों को न सिर्फ बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि निर्माण उद्योग में कुशल कामगारों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों का भी मिला संदर्भ

श्रमिक कल्याण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का जिक्र भी इस मौके पर सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क को पूरी तरह माफ किया गया है, वहीं सामूहिक विवाह योजना के जरिए श्रमिक परिवारों को सहयोग देने की व्यवस्था भी की गई है।

इसके अलावा आधुनिक लेबर चौक और श्रमिक सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, ताकि जरूरी सेवाएं सीधे श्रमिकों तक पहुंच सकें। इन कदमों को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है।

पहले भी जता चुकी हैं श्रमिकों के प्रति प्रतिबद्धता

यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रमिकों के हित में अपनी बात रखी हो। इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के मौके पर भी उन्होंने कामगार समुदाय की निस्वार्थ सेवा और कड़ी मेहनत के लिए आभार व्यक्त करते हुए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

उस समय उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ताजा समारोह को उसी दिशा में उठाया गया अगला कदम माना जा रहा है।

लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स

संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।