उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 14 जुलाई 2026 से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था शुरू कर दी है, जो पूरी तरह नि:शुल्क है।
इस नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपना व्यक्तिगत विवरण केवल एक बार दर्ज करना होगा, जिसके बाद भविष्य की सभी भर्तियों में वही जानकारी स्वतः उपलब्ध रहेगी। सरकार का मकसद भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित, तेज और अभ्यर्थी हितैषी बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2023 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए ओटीआर पोर्टल का लोकार्पण करते हुए कहा था कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
एक बार दर्ज करना होगा पूरा विवरण
ओटीआर व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को मोबाइल नंबर और ई-मेल के माध्यम से सत्यापन कराना होगा। इसके साथ ही उन्हें नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जाति, पता और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी।
इसके अलावा अभ्यर्थियों को छह माह के भीतर की रंगीन फोटो और निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ओटीआर नंबर जारी होने के बाद दर्ज विवरण में संशोधन संभव नहीं होगा, इसलिए जानकारी सावधानी से भरनी होगी।
पीईटी स्कोर का तीन साल तक मिलेगा फायदा
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पीईटी परीक्षा का स्कोर अब तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी के पास एक से अधिक वैध पीईटी स्कोर होंगे, तो वह भविष्य की भर्ती में अपने सर्वाधिक अंक वाले स्कोर का इस्तेमाल कर सकेगा।
इससे योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें हर भर्ती के लिए दोबारा पीईटी परीक्षा देने की मजबूरी नहीं रहेगी। यह बदलाव खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए राहत भरा है जो लगातार कई भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड से घटेगी गड़बड़ी की गुंजाइश
ओटीआर प्रणाली को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से अभ्यर्थियों का डेटा सुरक्षित रहेगा और आवेदन प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
यह सुविधा सभी नए और पुराने अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक से अधिक युवा आसानी से भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसे उत्तर प्रदेश में डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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