‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उत्तर प्रदेश ने 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने इस कीर्तिमान की जानकारी साझा की और आने वाली पीढ़ियों के प्रति प्रकृति संरक्षण का दायित्व निभाने का आह्वान किया।
वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत हासिल हुई यह उपलब्धि प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण अभियान की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है। सीएम योगी ने इसे ‘नए भारत’ के ‘नए उत्तर प्रदेश’ के नवसामर्थ्य से जोड़ते हुए हर प्रदेशवासी को इस मौके पर शुभकामनाएं दीं।
सीएम योगी ने लिखा, “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में प्रदेश ने 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा कर नया इतिहास रचा है।”
चिट्ठी में सीएम योगी ने क्या संदेश दिया
अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि यह अभियान प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, आने वाली पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व और जीवन संरक्षण का संदेश समेटे हुए है। उन्होंने इसे सनातन चेतना का महोत्सव बताते हुए इसकी सफलता को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
सीएम ने आगे लिखा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता वनों से आरंभ हुई, इसीलिए इसे अरण्य संस्कृति भी कहा जाता है। उनके अनुसार वेद, उपनिषद और अन्य महान ग्रंथों की रचना वनों में ही हुई, जहां ऋषि-मुनियों ने लोकमंगल के लिए चिंतन-मनन किया।
गीता और शास्त्रों में वृक्षों का उल्लेख
चिट्ठी में सीएम योगी ने श्रीमदभगवत गीता का हवाला देते हुए लिखा कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है, “वृक्षों में मैं अश्वत्थ यानी पीपल हूं।” उन्होंने बताया कि महाभारत और पुराणों में भी पीपल, वट, आंवला, बेल और परिजात जैसे वृक्षों का विशेष महत्व बताया गया है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आयुर्वेद के अनुसार शायद ही कोई ऐसा पौधा हो जिसमें औषधीय गुण न हों, वहीं ऋग्वेद में पृथ्वी और वृक्षों के गहरे संबंध का जिक्र मिलता है। इन्हीं मान्यताओं को आधार बनाकर सीएम ने वृक्षारोपण को भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताया।
2013 से 2023 के बीच बढ़ा वन क्षेत्र
सीएम योगी ने चिट्ठी में एक अहम आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता का ही नतीजा है कि साल 2013 से 2023 के बीच प्रदेश के वन एवं वृक्ष आवरण में 3.38 लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई।
यह आंकड़ा बताता है कि उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण को लेकर पिछले एक दशक में की गई कोशिशों का असर जमीन पर दिखने लगा है, और मौजूदा 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य इसी सिलसिले की अगली बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेशवासियों से वृक्षारोपण को संस्कारों से जोड़ने की अपील
चिट्ठी के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे वृक्षारोपण को अपने जीवन के संस्कारों और उत्सवों से जोड़ें। उनका सुझाव है कि परिवार के शुभ अवसरों, मांगलिक आयोजनों और विशेष दिनों पर पौधे लगाकर लोग प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभा सकते हैं।
सीएम के अनुसार यही पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, सुरक्षित और समृद्ध प्रदेश की नींव बनेंगे। इस चिट्ठी को प्रदेश सरकार के पर्यावरण संरक्षण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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