अयोध्या के राम मंदिर में 7 जून को चढ़ाए गए दान और आभूषणों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को 26 जून को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांचकर्ताओं ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है।
राम मंदिर के दान में कथित गबन को लेकर देशभर में आक्रोश है और इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। SIT जांच के बाद हुई गिरफ्तारी और अब धीरेंद्र शास्त्री की तीखी टिप्पणी ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया है।
रावण ने माता जानकी की चोरी की थी, यहां करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसा चोरी हुआ है — धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर बेहद भावुक और कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपियों की तुलना रावण से करते हुए कहा:
“रावण तो यह भी हैं बस रूप बदल गए हैं। रावण ने माता जानकी की चोरी थी, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है। इसमें करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है।”
उन्होंने FIR दर्ज होने की खबर का स्वागत करते हुए कहा कि जांच में और लोग पकड़े जाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने चेतावनी के लहजे में यह भी जोड़ा:
“रावण ने माता जानकी की चोरी की थी उसका परिणाम यह निकला कि सपरिवार सहित नास हुआ। ऐसे में करोड़ों लोगों ने राम को दान दिया। राम मंदिर के दान को जो चोरी करेगा पक्का है सरकारी दंड तो पाएगा ही, वह भगवान का महादंड भी पाएगा।”
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक क्या हुआ?
7 जून को राम मंदिर में दान की गई राशि और आभूषणों में अनियमितता के आरोप सामने आए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई।
| घटनाक्रम | विवरण |
|---|---|
| घटना की तारीख | 7 जून — दान में गड़बड़ी के आरोप सामने आए |
| FIR दर्ज | कृष्ण मोहन (ट्रस्ट सदस्य) की तहरीर पर |
| SIT गठन | UP सरकार द्वारा, तीन सदस्यीय |
| गिरफ्तार आरोपी | 8 नामजद, सभी न्यायिक हिरासत में |
| न्यायिक हिरासत | 26 जून से 29 जून तक |
| बरामद राशि (दावा) | 79.85 लाख रुपये (जांचकर्ताओं के अनुसार) |
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासी घमासान: कौन ने क्या कहा?
इस मामले ने राजनीतिक दलों के बीच जोरदार आरोप-प्रत्यारोप छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुसार यह पूरा विवाद सपा और कांग्रेस की साजिश का हिस्सा है। वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे ‘धर्मयुद्ध’ करार देते हुए कथित ‘चंदा चोरों’ के सामाजिक बहिष्कार की अपील की और कहा कि इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का ‘लंकाकांड’ अयोध्या से शुरू हो गया है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और राम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग करने की मांग रखी है।
इस बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की अटकलें भी सामने आईं। हालांकि विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। चंपत राय VHP के उपाध्यक्ष भी हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रहा — यह धार्मिक आस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक विश्वसनीयता, तीनों के केंद्र में आ चुका है। SIT की जांच जारी है और 29 जून को आरोपियों की अगली पेशी होनी है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आधिकारिक पत्र और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
