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Saturday, 22 Aug 2026

UP में फायर NOC अनिवार्य: बिना अग्निशमन एनओसी नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन या व्यापार लाइसेंस

उत्तर प्रदेश में अब बिना फायर NOC के बिजली कनेक्शन या व्यापार लाइसेंस नहीं मिलेगा। CM योगी के निर्देश पर सभी बड़े भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है और हर जिले में टास्क फोर्स बनाई जाएगी।

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में किसी भी भवन को बिना फायर NOC के बिजली का कनेक्शन या व्यापार लाइसेंस नहीं मिलेगा। अलीगंज के एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आवास एवं नियोजन विभाग ने यह शासनादेश जारी किया है।

फायर NOC अनिवार्य: क्या है नया शासनादेश?

आवास एवं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव गुरुप्रसाद ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके तहत सभी विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना अग्निशमन एनओसी प्राप्त किए किसी भी भवन को न तो बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा और न ही व्यापार लाइसेंस जारी होगा। यह नियम प्रदेश भर के सभी व्यावसायिक, औद्योगिक और बड़े भवनों पर लागू होगा।

भवन का प्रकार फायर सेफ्टी ऑडिट की स्थिति
कोचिंग संस्थान अनिवार्य
शॉपिंग मॉल अनिवार्य
सरकारी भवन अनिवार्य
नर्सिंग होम / अस्पताल अनिवार्य
मेडिकल कॉलेज अनिवार्य
व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठान अनिवार्य

अलीगंज अग्निकांड के बाद CM योगी ने लिया सख्त एक्शन

यह पूरा घटनाक्रम अलीगंज के एक कोचिंग संस्थान में हुई भीषण आग की घटना के बाद शुरू हुआ। उस हादसे ने प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों की खामियों को उजागर कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में फायर सेफ्टी ऑडिट को तत्काल अनिवार्य करने के निर्देश दिए।

इसके बाद आवास एवं नियोजन विभाग ने बिना देरी किए शासनादेश जारी कर दिया। यहीं से मामले ने एक व्यापक नीतिगत रूप ले लिया — अब सिर्फ कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि मॉल, अस्पताल, सरकारी इमारतें और हर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस दायरे में आ गए हैं।

हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स, फायर NOC की होगी कड़ी निगरानी

सरकार ने आग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह टास्क फोर्स सुनिश्चित करेगी कि भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। जहां कमियां मिलेंगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को इस पूरे तंत्र की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। अब कोई भी नया व्यावसायिक भवन बिना फायर NOC के संचालित नहीं हो सकेगा।

UP फायर NOC नियम: आम लोगों और कारोबारियों पर क्या असर?

इस शासनादेश का सीधा असर प्रदेश के लाखों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। जो भवन पहले से बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं, उन्हें अब इसे हासिल करना होगा — वरना बिजली कनेक्शन कटने और व्यापार लाइसेंस रद्द होने का जोखिम रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय से जरूरी था। कोचिंग संस्थानों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक — अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कई हादसों की वजह बन चुकी है। UP सरकार का यह फायर NOC अनिवार्य करने का फैसला इस दिशा में एक ठोस और जरूरी कदम है।


लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स

संपादकीय नोट: यह लेख भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आधिकारिक पत्र और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।