चकिया, चंदौली में अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ भारत माता की आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने अखंड भारत के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिव्यांग पीठ के महामंडलेश्वर कृपाचार्य जी महाराज रहे, जिनके साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि कृपाचार्य जी महाराज ने कहा- “अखंड भारत केवल भौगोलिक सीमा का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।”

कार्यक्रम में जुटे कई गणमान्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृपाचार्य जी महाराज के साथ काशी प्रांत के प्रांतीय संयोजक पवन कुमार सिंह, लेबर कमिश्नर ए.के. राय, मनोज गुप्ता और राजेश चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने पूरे उत्साह के साथ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन और भारत माता की आरती में हिस्सा लिया, जिससे पूरा आयोजन स्थल राष्ट्रभक्ति के माहौल में डूबा रहा।
कृपाचार्य जी महाराज बोले- सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है अखंड भारत
मुख्य अतिथि कृपाचार्य जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि अखंड भारत केवल भौगोलिक सीमा का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव पूरे विश्व को एक परिवार मानने का संदेश दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को देश के इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है, और राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा सामाजिक एकता के माध्यम से ही मजबूत भारत का निर्माण संभव है।
पवन कुमार सिंह बोले- राष्ट्रभक्ति जीवनभर निभाया जाने वाला संकल्प
प्रांतीय संयोजक पवन कुमार सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अखंड भारत संकल्प दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, और राष्ट्रभक्ति केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर निभाया जाने वाला संकल्प है।
कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के जयघोष और भारत माता की आरती से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा का संकल्प लिया, और आयोजन का समापन राष्ट्रहित तथा समाज की सेवा के संकल्प के साथ हुआ।

