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Wednesday, 05 Aug 2026

बस्ती सदर में मिशन 2027 की हलचल: भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. रोली सिंह की दावेदारी चर्चा में

बस्ती सदर विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. रोली सिंह की संभावित दावेदारी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बस्ती सदर में भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. रोली सिंह

भले ही यूपी विधानसभा चुनाव 2027 आने में अभी अच्छा-खासा वक्त बचा हो, लेकिन बस्ती सदर सीट का सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। बीजेपी के टिकट को लेकर गली-मोहल्लों से लेकर चाय की दुकानों तक अटकलों का बाजार पूरी तरह से गर्म है। इन तमाम चर्चाओं के बीच एक नाम जो सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, वो है—भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष डॉ. रोली सिंह का। संगठन के कामों में उनकी लगातार मौजूदगी और आम लोगों से सीधे जुड़ाव को देखकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक अलग ही उत्साह दिख रहा है।

खैर, ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि बीजेपी आलाकमान ने अभी तक किसी भी सीट के लिए अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसलिए डॉ. रोली सिंह की इस दावेदारी को अभी एक मजबूत राजनीतिक संभावना ही माना जा रहा है। टिकट की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका आखिरी फैसला तो दिल्ली और लखनऊ में बैठे पार्टी के बड़े नेता ही तय करेंगे।

बस्ती सदर में 2027 के महामुकाबले की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। पार्टी की तरफ से भले ही अभी किसी नाम पर मुहर न लगी हो, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं की जुबान पर भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष डॉ. रोली सिंह का नाम बतौर संभावित उम्मीदवार खूब तैर रहा है।

जमीन से जुड़ाव और संगठन में अलग पहचान

डॉ. रोली सिंह की गिनती उन नेताओं में बिल्कुल नहीं होती जो सिर्फ चुनावी सीजन में नजर आते हैं। वह पिछले कई सालों से पार्टी के छोटे-बड़े हर कार्यक्रम में डटी नजर आती हैं। चाहे बूथ लेवल की कोई बैठक हो, महिलाओं का कोई कार्यक्रम हो या फिर शहर का कोई सामाजिक आयोजन—उनकी मौजूदगी हमेशा रहती है। इसी वजह से वह आज कार्यकर्ताओं की सबसे चहेती नेताओं में से एक बन गई हैं।

हाल ही में बस्ती क्लब के अंदर हुए बीजेपी बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को ही ले लीजिए। वहां भी उनकी सक्रियता ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। शहर के सियासी जानकारों का भी यही मानना है कि संगठन के साथ उनका यह गहरा रिश्ता और जमीनी मेहनत ही उनकी राजनीतिक दावेदारी को सबसे ज्यादा वजन दे रही है।

‘आधी आबादी’ की दमदार आवाज

आजकल यूपी की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर हर कोई जोर दे रहा है। ऐसे में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष होने के नाते डॉ. रोली सिंह का पलड़ा थोड़ा और भारी नजर आता है। उनका पढ़ा-लिखा होना और संगठन चलाने का उनका अनुभव, उन्हें टिकट की रेस में एक शानदार दावेदार बनाता है।

स्थानीय लोगों की मानें तो उन्होंने उज्ज्वला योजना और मिशन शक्ति जैसी अहम सरकारी योजनाओं को सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहने दिया। उन्होंने खुद आगे बढ़कर इन योजनाओं का फायदा घर-घर तक पहुंचाया है। हालांकि, सियासी गलियारों में इन बातों को अपने-अपने चश्मे और नजरिए से देखा और आंका जाता है।

बड़े नेताओं से मुलाकातें बढ़ा रही हैं सियासी कद

अगर राजनीतिक गलियारों की गपशप पर गौर करें, तो यह भी सुनने में आता है कि डॉ. रोली सिंह पार्टी के कद्दावर नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं और अहम बैठकों का हिस्सा बन रही हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि इससे पार्टी के भीतर उनकी साख काफी मजबूत हुई है।

कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात ने भी बस्ती की राजनीति में कई नए कयासों को जन्म दिया है। हालांकि, बंद कमरे में चुनावी रणनीति पर कोई बात हुई या नहीं, ये कोई दावे से नहीं कह सकता। लेकिन हां, इस मुलाकात ने उनकी दावेदारी की हवा को और तेज जरूर कर दिया है।

कार्यकर्ताओं का मिल रहा है भरपूर साथ

बीजेपी के कई पुराने कार्यकर्ताओं का साफ तौर पर कहना है कि डॉ. रोली सिंह पूरे साल पब्लिक के बीच रहने वाली नेता हैं। महिलाओं और खासकर युवाओं के बीच उनकी अच्छी-खासी पकड़ है, जिसे चुनाव के नजरिए से उनका सबसे बड़ा प्लस पॉइंट माना जा रहा है।

फिलहाल बस्ती सदर सीट पर सिर्फ चर्चाओं और अटकलों का ही दौर चल रहा है। असली फैसला तो बीजेपी हाईकमान की टेबल पर ही होगा। जब तक पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक लिस्ट नहीं आ जाती, तब तक बस्ती की राजनीति में ऐसे ही कयास लगाए जाते रहेंगे और सियासी पारा चढ़ा रहेगा।

लेखक के बारे में

लेखक: विशेष संवाददाता, देश की पत्रिका

क्या करते हैं: यूपी की सियासत, संगठन के अंदर की खबरें और चुनावी हलचल पर पैनी नजर रखना।

संपादकीय नोट: यह पूरी रिपोर्ट बस्ती सदर के स्थानीय लोगों की चर्चाओं, पब्लिक डोमेन में मौजूद जानकारियों और समर्थकों के दावों को आधार बनाकर लिखी गई है। ध्यान रहे कि बीजेपी ने अभी तक इस सीट के लिए किसी भी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।