उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भारी हंगामे के बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 69,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया, जिसे बाद में पारित भी कर दिया गया। समाजवादी पार्टी के विधायक सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वेल में उतर आए और हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते बजट पेश होने के दौरान भी सदन में शोर-शराबा जारी रहा।
बजट पेश करने से पहले सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 21 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से कई को मंजूरी दी गई। बैठक के तुरंत बाद दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत सभी मंत्री सीधे विधानसभा पहुंचे, जहां अनुपूरक बजट को सदन के पटल पर रखा गया।
यूपी विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 69,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। सदन में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों पर हंगामा किया, जिसके बीच सत्ता पक्ष ने बजट पर चर्चा पूरी कर उसे पारित करा लिया।
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने अनुपूरक बजट पर निशाना साधते हुए कहा, “हर बार बजट लाते हैं, लेकिन 30 प्रतिशत खर्च भी नहीं कर पाते।”
सदन में क्यों भड़का हंगामा, सपा विधायकों ने कौन से मुद्दे उठाए
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पोर्टिको में जमकर नारेबाजी करते नजर आए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सपा विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन तेज कर दिया।
शिवपाल यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार “चंदा चोर, चढ़ावा चोर और बजट चोर” है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए बजट लेकर आती है। वहीं सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी ने कहा कि तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उन पर पुष्पवर्षा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का पलटवार और अध्यक्ष की सख्त चेतावनी
चढ़ावा चोरी के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा कि इन्हीं लोगों ने गोली चलवाई थी और मंदिर बनने में बाधा पैदा की थी, अब यही लोग आस्था की बात कर रहे हैं। हंगामे के बीच ही विधानसभा की कार्यवाही 12:20 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी सपा विधायक धरने पर बैठे रहे, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जितनी देर सदन नहीं चला, उस दौरान की कोई भी खबर प्रसारित नहीं होगी, साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री सदन में मौजूद हैं और सभी सवालों का जवाब देंगे।
अनुपूरक बजट में किन योजनाओं के लिए हुआ प्रावधान
करीब 40 हजार करोड़ रुपये अनुमानित बताए गए इस अनुपूरक बजट में वास्तविक आंकड़ा 69,019.54 करोड़ रुपये रहा। इसमें ग्रामीण विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी लिंक, ज़ेवर लिंक, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और विंध्य क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि आवंटित करने की बात कही गई थी।
इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय, शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, छात्राओं की स्कूटी योजना के लिए फरवरी बजट के 400 करोड़ रुपये से अधिक की रकम, वीबी-जीरामजी योजना के बकाया भुगतान और वकीलों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा जैसी घोषणाएं भी बजट का हिस्सा रहीं।
कार्यवाही स्थगन के बाद अब आगे क्या
दिनभर के हंगामे के बावजूद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पढ़ना जारी रखा और सत्ता पक्ष के बहुमत के दम पर अनुपूरक बजट सदन में पारित करा लिया गया। सपा विधायकों का विरोध कार्यवाही के दौरान लगातार जारी रहा, लेकिन इससे बजट पारित होने में कोई रुकावट नहीं आई।
विधानसभा अध्यक्ष की चेतावनी के बाद अब यह देखना अहम होगा कि सत्र के अगले दिनों में सपा का रुख नरम पड़ता है या विपक्ष का यह हंगामा जारी रहता है। सरकार की ओर से जिन योजनाओं का ऐलान बजट में किया गया है, उनके क्रियान्वयन पर भी सबकी नजर रहेगी।
लेखक परिचय
लेखक: राजनीतिक संवाददाता, देश की पत्रिका
विशेषज्ञता: उत्तर प्रदेश राजनीति एवं विधानसभा कवरेज
संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
