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Thursday, 06 Aug 2026

NDA में गए टीएमसी सांसद असहज, वापसी को लेकर तेज हुई अटकलें: सौगत रॉय का बड़ा दावा

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एनडीए गठबंधन में गए बागी नेता वहां असहज हैं और वापसी की संभावना बनी हुई है।

NDA में गए टीएमसी सांसद असहज, वापसी की अटकलें तेज: सौगत रॉय का दावा

 

तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनडीए गठबंधन का हिस्सा बने बागी सांसदों को लेकर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बड़ा बयान दिया है। शनिवार (1 अगस्त) को उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन में शामिल हुए टीएमसी के पूर्व नेता अब वहां असहज महसूस कर रहे हैं और उन पर सत्ता पक्ष के साथ बने रहने का दबाव भी बनाया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सौगत रॉय ने कहा कि इनमें से कुछ नेता उनके संपर्क में हैं और उन्होंने भाजपा में असहजता की बात साझा की है। रॉय के इस दावे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, खासकर उन अटकलों के बीच जो इन नेताओं की टीएमसी में वापसी को लेकर चल रही थीं।

मैंने उनमें से कुछ से बात की है। वे भाजपा में असहज हैं। शायद उन पर पार्टी में बने रहने के लिए दबाव और धमकी डाली जा रही है। अगर वे लौट आते हैं तो यह अच्छी बात होगी। मैंने इस बारे में अपने पार्टी नेताओं से भी बात की है।

क्या बोले सौगत रॉय?

सौगत रॉय ने आगे कहा कि उन्हें बताया गया है कि एनसीपी नेता अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए में शामिल नहीं होना चाहते और भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते, इसीलिए उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले पर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।

रॉय ने यह भी कहा कि जब इन नेताओं ने टीएमसी छोड़ी थी, तब यह तय नहीं था कि वे भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इन नेताओं के लिए अपने समुदाय के प्रति जवाबदेह बने रहना अब मुश्किल होता जा रहा है।

NDA की बैठक से नदारद रहे थे तीन सांसद

सौगत रॉय का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब बीते मंगलवार (28 जुलाई) को एनसीपीआई की बैठक में तीन नेता शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलें तेज हो गई थीं। एनसीपीआई ने इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश की, लेकिन टीएमसी नेताओं का मानना है कि यह तीनों सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होना चाहते।

एनसीपीआई नेता अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए की बैठक से नदारद रहे थे। केंद्र में सत्ताधारी गठबंधन की बैठक में पार्टी की यह पहली मौजूदगी थी।

तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने थे राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी

विधानसभा चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल होने की घोषणा की थी। पार्टी ने उसी समय स्पष्ट किया था कि वह एनडीए का समर्थन करेगी।

अब सौगत रॉय के ताजा बयान के बाद यह सवाल फिर से चर्चा में है कि क्या इन बागी नेताओं में से कुछ आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर बातचीत जारी होने की बात भी सामने आई है।

लेखक परिचय

लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता

विशेषज्ञता: राष्ट्रीय राजनीति एवं गठबंधन दलों की खबरों पर रिपोर्टिंग

संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध समाचार एजेंसी रिपोर्ट और सार्वजनिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।