रेखा गुप्ता का विपक्ष पर प्रहार: 'अपने परिवार के अलावा किसी अन्य महिला का सम्मान नहीं करते विपक्षी नेता'
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 | 11:28 AM
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में उस वक्त राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया जब सार्वजनिक मंच से रेखा गुप्ता का विपक्ष पर प्रहार देखने को मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के प्रति विपक्षी नेताओं के रवैये और उनकी संकीर्ण मानसिकता पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट और तीखे शब्दों में आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं को अपने परिवार की महिलाओं के अलावा समाज की किसी अन्य बहन, बेटी या महिला के सम्मान की कोई परवाह नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह दोहरा रवैया उनके रोजमर्रा के आचरण और राजनीतिक बयानों में साफ तौर पर झलकता है।
विपक्ष की मानसिकता और दोहरा रवैया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्षी नेताओं के लिए महिला सम्मान केवल एक राजनीतिक भाषण या चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, "जब बात अपने परिवार की महिलाओं की आती है, तो विपक्षी नेता संवेदनशीलता का ढोंग रचते हैं। लेकिन जब समाज की आम महिलाएं, सड़कों पर काम करने वाली महिला कार्यकर्ता या सच दिखाने वाली महिला पत्रकार सामने होती हैं, तो उनके प्रति विपक्ष का नजरिया बेहद अपमानजनक हो जाता है।"
मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि सरकार महिला सुरक्षा और नारी सम्मान के मुद्दे पर किसी भी राजनीतिक दल के दोहरे चरित्र को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तीखे हमले के बाद राजधानी में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच वाकयुद्ध और तेज हो सकता है।
'देश और समाज की कद्र नहीं': सीएम रेखा का सख्त संदेश
विपक्षी दलों की तीखी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग समाज की आधी आबादी के प्रति वास्तविक आदर भाव नहीं रखते, वे देश के विकास में कभी भी निष्ठावान योगदान नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों के मन में आम महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं है, उन्हें न तो इस देश की कद्र है और न ही इस समाज की संस्कृति की।"
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी जब राजनीतिक गतिविधियों में व्यवधान डाला गया था, तब विपक्ष की कार्यशैली पर भड़कते हुए सीएम रेखा ने स्पष्ट किया था कि विपक्ष का मूल मकसद केवल व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और जनहित के कार्यों में रोड़ा अटकाना रह गया है। सीएम के इस हालिया बयान ने विपक्ष के उस दोहरे मापदंड को बेनकाब कर दिया है जो खुद को जनता का हमदर्द तो बताता है, लेकिन व्यावहारिक जीवन में संकीर्णता से बाहर नहीं निकल पाता।
नारी सुरक्षा और जमीनी सशक्तिकरण के ठोस कदम
केवल बयानों तक सीमित न रहते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए व्यावहारिक कदमों का भी ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार किए जा रहे हैं।
डार्क स्पॉट्स का खात्मा और स्मार्ट लाइट्स
शहर के अंधेरे और असुरक्षित क्षेत्रों को रोशन करने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। सरकार ने दिल्ली डार्क स्पॉट स्मार्ट लाइट योजना के तहत 1 लाख से अधिक स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाने का संकल्प लिया है, ताकि रात के समय यात्रा करने वाली कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और बुजुर्गों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जा सके।
सीसीटीवी और त्वरित पुलिस सहायता तंत्र
राजधानी की गलियों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके साथ ही आपातकालीन त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक दुरुस्त किया गया है ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।
राजनीतिक सरगर्मी और आगामी दिशा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष का सामंती ढांचा अब जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों में इस बयान को लेकर खलबली मची हुई है।
प्रशासनिक स्तर पर भी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिल्ली में महिला सशक्तीकरण की योजनाएं किसी भी राजनीतिक खींचतान के बिना धरातल पर तेजी से लागू होती रहें। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए दोहराया कि नारी शक्ति का सम्मान ही एक समृद्ध और विकसित समाज की पहली शर्त है, और दिल्ली सरकार महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
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